नायब तहसीलदार पर रेप केस दर्ज: सोशल मीडिया से हुई दोस्ती, शादी का झांसा देकर होटल में बनाए संबंध; FIR के बाद फरार

रायपुर, 13 जून 2026.छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नायब तहसीलदार दिवाकर भास्कर पर शादी का झूठा आश्वासन देकर एक युवती का शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर रायपुर की गंज थाना पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार बताया जा रहा है।
शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और रायपुर के एक होटल में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। संबंध बनने के बाद जब भी पीड़िता ने शादी करने की बात कही, तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। कुछ समय बाद जब आरोपी अपने वादे से पूरी तरह मुकर गया, तब पीड़िता को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। इसके बाद पीड़िता ने न्याय के लिए गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।

सूरजपुर में पदस्थ हैं नायब तहसीलदार, मेडिकल लीव पर हुए फरार
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी का नाम दिवाकर भास्कर है, जो वर्तमान में सूरजपुर जिले के लटौरी क्षेत्र में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ है।
FIR दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी अधिकारी पुलिस की पहुंच से बाहर हो गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नायब तहसीलदार ने 6 जून से मेडिकल लीव (चिकित्सा अवकाश) ले रखी है और तब से वह अपने कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुआ है।
BNS की धारा 69 के तहत मामला दर्ज, डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़िता के बयान और शुरुआती सबूतों के आधार पर आरोपी दिवाकर भास्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

क्या है BNS की धारा 69?
नए कानून (भारतीय न्याय संहिता) के तहत धारा 69 विशेष रूप से किसी महिला को शादी का झूठा वादा करके, पहचान छिपाकर या नौकरी/पदोन्नति का झांसा देकर उसकी सहमति के बिना या धोखे से शारीरिक संबंध बनाने के अपराध से संबंधित है।
पुलिस की टीमें दे रहीं दबिश
गंज थाना पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों और निवास स्थान पर दबिश देना शुरू कर दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों को भी जुटा रही है। जांच के दौरान:
होटल में ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड (विजिटर रजिस्टर और सीसीटीवी)।
मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR)।
सोशल मीडिया चैट्स और अन्य डिजिटल दस्तावेज़ों को खंगाला जाएगा।

पुलिस प्रशासन के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे कड़ाई से पूछताछ की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।









