बीमा कंपनी को बड़ा झटका: उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, HDFC Life को 9.60 लाख रुपये चुकाने के दिए निर्देश
बिलासपुर, 9 जून 2026। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में HDFC Life Insurance Company को बड़ा झटका देते हुए मृत बीमाधारक महिला के परिजनों के पक्ष में निर्णय सुनाया है। आयोग ने बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए बीमा दावा राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।
गंभीर बीमारी की जानकारी छिपाने का लगाया था आरोप
मामला जीवन बीमा पॉलिसी से जुड़े मृत्यु दावा (डेथ क्लेम) का था। बीमा कंपनी ने दावा खारिज करते हुए तर्क दिया था कि बीमाधारक महिला पॉलिसी लेने से पहले गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं और उन्होंने यह जानकारी प्रस्ताव पत्र में नहीं दी थी। इसी आधार पर कंपनी ने बीमा राशि देने से इनकार कर दिया था।

परिजनों ने आयोग की ली शरण
बीमा कंपनी के फैसले से असंतुष्ट मृतका के परिजनों ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के तर्क और प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
आयोग ने परिजनों के पक्ष में सुनाया फैसला
सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कमी बरती गई है। आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह मृतका के नाम की पॉलिसी के तहत देय 9 लाख 60 हजार रुपये की बीमा राशि परिजनों को अदा करे।

मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय की राशि भी देनी होगी
आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा कि बीमा कंपनी मृतका के परिजनों को मानसिक कष्ट और परेशानी के लिए 10 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करेगी।
45 दिनों में करना होगा भुगतान
आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर संपूर्ण राशि का भुगतान किया जाए। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं करने की स्थिति में कंपनी को आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।

उपभोक्ता अधिकारों के लिए अहम फैसला
कानूनी जानकारों के अनुसार यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा और बीमा दावों के निष्पक्ष निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संदेश जाता है कि वैध दावों को अनावश्यक रूप से खारिज किए जाने पर उपभोक्ता आयोग राहत प्रदान कर सकता है।










