लखनऊ अग्निकांड के बाद बिलासपुर प्रशासन अलर्ट: कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की सघन जांच शुरू, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी निकास की हो रही पड़ताल

बिलासपुर, 23 जून 2026। लखनऊ के अलीगंज इलाके में कोचिंग सेंटर में हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद बिलासपुर प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इस दर्दनाक हादसे, जिसमें 15 छात्रों की जान गई, से सबक लेते हुए बिलासपुर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष जांच अभियान छेड़ दिया गया है।
सुरक्षा मानकों की हो रही बारीकी से पड़ताल
मंगलवार को नगर निगम की विशेष टीम ने शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण शुरू किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जांच के दौरान मुख्य रूप से फायर सेफ्टी: अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता। आपातकालीन निकास: आग या किसी आपात स्थिति में बाहर निकलने के सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था। भवन उपयोग: क्या व्यावसायिक गतिविधियां (कोचिंग) नियमानुसार संचालित हो रही हैं या आवासीय भवनों का गलत उपयोग किया जा रहा है।
क्षमता और पार्किंग: विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप भवन की क्षमता और पार्किंग की सुविधा।

प्रशासन का सख्त रुख: “सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
नगर निगम के उपायुक्त अंकुर पांडेय ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। लखनऊ की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है, और हम बिलासपुर में ऐसी किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते।”
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान जो भी कोचिंग सेंटर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें संचालकों को नोटिस जारी करने से लेकर नियमों के उल्लंघन पर सीलबंदी जैसे सख्त कदम शामिल हो सकते हैं।
कोचिंग संचालकों के लिए निर्देश
प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह जांच अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा और शहर के हर उस संस्थान की जांच की जाएगी जहाँ बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी जोखिम हो सकता है।










