बिलासपुर सेंट्रल जेल में खूनी खेल: तिहरे हत्याकांड के कैदी ने पत्थर से कुचलकर की साथी बंदी की हत्या, जेल महकमे में मचा हड़कंप

बिलासपुर, 23 जून 2026। न्यायधानी की हाई-सिक्योरिटी वाली केंद्रीय जेल (सेंट्रल जेल) बिलासपुर से मंगलवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) के मामले में उम्रकैद काट रहे एक खतरनाक कैदी ने जेल के भीतर ही पाक्सो एक्ट (POCSO Act) के एक विचाराधीन बंदी पर पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस खूनी खेल के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
लूडो खेल रहे थे बंदी… और अचानक बरसने लगे पत्थर!
यह पूरी वारदात मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जेल की ई-वन बैरक में हुई। कोटा क्षेत्र के दवनपुर का रहने वाला नीलू जगत (पाक्सो एक्ट का विचाराधीन बंदी) बैरक में आराम से लेटा हुआ था और पास ही कुछ अन्य बंदी लूडो खेल रहे थे। इसी बीच तिहरे हत्याकांड का खूंखार कैदी राजेश राय वहां पहुंचा। उसके हाथ में एक भारी पत्थर था। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, राजेश ने लेटे हुए नीलू के सिर पर पत्थर से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। बैरक में चीख-पुकार मच गई। अन्य बंदियों ने बीच-बचाव कर जैसे-तैसे राजेश को पकड़ा, लेकिन तब तक नीलू लहूलुहान होकर अचेत हो चुका था। जेल प्रबंधन ने गंभीर रूप से घायल नीलू को तुरंत सिम्स (CIMS) अस्पताल पहुंचाया, जहां दोपहर करीब 12 बजे इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

‘बीमारी’ की बैरक में बंद थे दोनों, फिर क्यों हुआ मर्डर?
इस वारदात के बाद जेल की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि दोनों को एक ही बैरक में क्यों रखा गया था, आरोपी राजेश राय, साल 2011 से गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित है और जेल में उसका इलाज चल रहा था। मृतक नीलू जगत, इसे मिर्गी (Epilepsy) के दौरे पड़ते थे, जिसके कारण यह भी नियमित डॉक्टरी देखरेख में था। चूंकि दोनों को विशेष चिकित्सकीय निगरानी और नियमित दवाओं की जरूरत थी, इसलिए नियमानुसार इन्हें अन्य ऐसे ही मरीजों के साथ एक ही विशेष बैरक में शिफ्ट किया गया था।
तो क्या ‘सजा माफी’ खारिज होने के गुस्से में किया कत्ल?
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी राजेश राय और उसके पिता हरि राय हत्या के एक मामले में सजा काट रहे हैं। राजेश के एक भाई को पहले सजा माफी मिल चुकी है।राजेश ने भी सजा में राहत के लिए आवेदन किया था, लेकिन राज्य सरकार ने तीन दिन पहले ही उसकी सजा माफी की अर्जी खारिज कर दी थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान था।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सस्पेंस: नीलू ही क्यों?
सिविल लाइन थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। लेकिन पुलिस और जेल प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि राजेश राय ने नीलू जगत को ही अपना निशाना क्यों बनाया? क्या दोनों के बीच जेल के अंदर कोई पुरानी रंजिश या विवाद था, या फिर यह कत्ल सिर्फ मानसिक सनक का नतीजा है? पुलिस हर एंगल से इस मर्डर मिस्ट्री की जांच कर रही है।










