CG-खाद माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा; अवैध भंडारण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई…खाद जब्त, गोदाम सील

बिलासपुर| खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर गठित उड़नदस्ता दल लगातार जिलेभर में निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई कर रहा है।
हाल ही में मस्तूरी विकासखंड के मल्हार स्थित अग्रवाल खाद भंडार में जांच के दौरान यूरिया, एनपीके और एसएसपी उर्वरकों का अवैध भंडारण पाए जाने पर खाद जब्त कर ली गई। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण जिला दंडाधिकारी न्यायालय को भेजा जा रहा है।
वहीं सेन्दरी स्थित बंसल फर्टिलाइजर में भी उड़नदस्ता दल ने रात के समय छापा मारकर छिपाकर रखी गई खाद बरामद की। जांच में अवैध भंडारण की पुष्टि होने पर खाद जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी सहकारी समितियों को अवकाश दिवसों सहित शनिवार और रविवार को भी खुला रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
जिले को खरीफ सीजन के लिए 68 हजार 950 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य मिला है। इसके मुकाबले अब तक 46 हजार 780 मीट्रिक टन से अधिक खाद का भंडारण किया जा चुका है, जबकि करीब 19 हजार 913 मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। वर्तमान में जिले में यूरिया, डीएपी, पोटाश, एनपीके और एसएसपी सहित पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 10 हजार 711 मीट्रिक टन अधिक खाद का भंडारण किया गया है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद और बीज खरीदें तथा खरीदारी की रसीद अवश्य लें। विभाग ने यह भी कहा है कि जिले में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।
साथ ही किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, हरी खाद और नील हरित काई जैसे वैकल्पिक संसाधनों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी।










