वन विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी! कई IFS अफसरों का तबादला, टाइगर रिजर्व से नेशनल पार्क तक बदली कमान
सौरभ ठाकुर को सरगुजा हाथी रिजर्व की कमान, दिनेश पटेल बने अचानकमार टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर; कई महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में बदली जिम्मेदारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। शासन ने भारतीय वन सेवा (IFS) के 9 अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। 21 अगस्त 2026 को जारी आदेश के बाद टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वनमंडलों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां बदल गई हैं।
टाइगर रिजर्व से नेशनल पार्क तक बदली कमान
तबादला सूची में 2017 बैच के IFS अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर के उप संचालक पद से हटाकर हाथी रिजर्व, सरगुजा-अंबिकापुर का उप संचालक बनाया गया है।

वहीं 2018 बैच के दिनेश कुमार पटेल को मोहला से स्थानांतरित कर अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी का उप संचालक बनाया गया है।
अचानकमार में नई जिम्मेदारी, बायोस्फियर रिजर्व का भी प्रभार
2019 बैच के गणेश यू.आर. को अचानकमार टाइगर रिजर्व के उप संचालक पद से हटाकर वनमंडल अधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार वन मंडल बिलासपुर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व, बिलासपुर के संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। 2021 बैच के अभिनव कुमार को मुंगेली से हटाकर वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला पदस्थ किया गया है।

कांगेर घाटी नेशनल पार्क को मिला नया डायरेक्टर
2022 बैच के एस. नवीन कुमार को कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर का संचालक बनाया गया है। इसके अलावा गौतम पादीभर को पश्चिम भानुप्रतापपुर का वन उप संरक्षक, श्वेता कम्बोज को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व की उप संचालक और सुमेध संजय सुरवणे को इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर का उप संचालक बनाया गया है। वहीं तन्मय कौशिक को रायगढ़ से स्थानांतरित कर वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली की जिम्मेदारी दी गई है।
वन विभाग में लगातार फेरबदल
गौरतलब है कि अगस्त में इससे पहले भी वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़े स्तर पर IFS अधिकारियों की पदस्थापना की जा चुकी है। 8 अगस्त को जारी आदेश में 24 IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया था।

अब 21 अगस्त के नए आदेश के बाद एक बार फिर वन विभाग के महत्वपूर्ण मैदानी और वन्यजीव प्रबंधन क्षेत्रों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
सरकार के इस फेरबदल के बाद अब टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वनमंडलों में प्रशासनिक कामकाज की नई कमान इन अधिकारियों के हाथों में होगी।








