छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज; 27 अगस्त को रायपुर में पहला मंथन, 200 दिग्गजों की बैठक, लिए जाएंगे सुझाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और इसके प्रारूप को तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की मौजूदगी में 27 अगस्त को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस स्थित कन्वेंशन हॉल में राज्य स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से करीब 200 प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।
राज्य स्तरीय बैठक में समान नागरिक संहिता के संभावित प्रावधानों, इसके सामाजिक प्रभाव और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य विभिन्न वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए समावेशी और संतुलित प्रारूप तैयार करना है।

बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के अनुभव, सुझाव और विचारों को UCC के प्रारूप को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी होगी चर्चा
UCC जैसे संवेदनशील और व्यापक प्रभाव वाले विषय पर अधिक से अधिक सुझाव जुटाने के लिए सरकार अलग-अलग चरणों में सामाजिक, धार्मिक, विधिक और अन्य समूहों के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित करेगी।

इन समूहों से प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर सुझाव और आपत्तियां भी ली जाएंगी। इसके बाद प्राप्त सुझावों और विशेषज्ञों की राय के आधार पर प्रस्तावित प्रारूप में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
समावेशी प्रारूप तैयार करने पर जोर
राज्य सरकार की कोशिश है कि UCC का प्रारूप तैयार करते समय समाज के अलग-अलग वर्गों के हितों और व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाए। इसके लिए व्यापक विचार-विमर्श और विशेषज्ञों की राय को प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है।

27 अगस्त की बैठक को छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगामी चरणों में अलग-अलग वर्गों और संगठनों के साथ चर्चा के बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर UCC के प्रस्तावित प्रारूप को व्यापक और व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा।








