ठेकेदार से एसी, टाइल्स, एलईडी टीवी और सोने-हीरे की अंगूठियां तक मंगाईं; इंजीनियर पर 1.68 करोड़ की रिश्वत का आरोप में गिरफ्तार, एफआईआर में कई बड़े खुलासे

रायपुर, 19 जून 2026. राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी ने यह कार्रवाई 17 जून को की, जिसके बाद अदालत ने आरोपी इंजीनियर को 18 जून से 27 जून तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
एसीबी के अनुसार, भागीरथ वर्मा वर्ष 2019 से 2023 तक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थ रहे। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए निविदा कार्य आवंटित करने और दस्तावेजी आपत्तियां हटाने के एवज में रिश्वत की मांग की तथा अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की। मामले में 15 जून 2026 को अपराध क्रमांक 28/2026 दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 11 के तहत केस दर्ज किया गया।

FIR में चौंकाने वाला खुलासा: नकद के अलावा एसी, टीवी और हीरे की अंगूठियां भी लीं
आमतौर पर भ्रष्टाचार के मामलों में नकद लेन-देन की बात सामने आती है, लेकिन इस मामले की एफआईआर (FIR) बेहद चौंकाने वाली है। आरोपी इंजीनियर भागीरथ वर्मा ने ठेकेदार से न केवल कैश लिया, बल्कि अपने घर को सजाने का सामान भी रिश्वत के तौर पर वसूल किया। एसीबी के दस्तावेजों के अनुसार, इंजीनियर ने ठेकेदार के पैसों से अपने घर के लिए एसी, टाइल्स, ग्रेनाइट, एलईडी टीवी, स्मार्ट फोन और यहाँ तक कि सोने व हीरे की अंगूठियां भी खरीदी थीं। जांच एजेंसी के पास इन सामानों की खरीदी के बिल और बैंक भुगतान के पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
1.68 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली का आरोप
दुर्ग निवासी ठेकेदार राघवेंद्र तिवारी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच काम दिलाने और फाइलों में लगाई गई आपत्तियां हटाने के नाम पर उससे लगातार रकम वसूली गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने विभिन्न माध्यमों से 1.68 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी। एसीबी के दस्तावेजों में नकद लेन-देन के अलावा घर सजाने और निजी उपयोग की वस्तुओं की खरीद से जुड़े बिल और बैंक भुगतान का भी उल्लेख किया गया है।

तीन शहरों के 8 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
मामला दर्ज होने के बाद एसीबी की टीमों ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में एक साथ दबिश दी। जांच टीम ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर में 6 स्थानों तथा मध्य प्रदेश के उज्जैन में 2 स्थानों समेत कुल 8 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और कई अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण बरामद किए गए हैं।
एसीबी का बयान:
“आरोपी भागीरथ वर्मा फिलहाल 27 जून तक पुलिस रिमांड पर हैं। आरोपी की ज्ञात आय और बरामद संपत्तियों के बीच के अंतर (आनुपातिक संपत्ति) का आकलन किया जा रहा है। पूछताछ के दौरान कई और बड़े रसूखदारों और अधिकारियों के नाम सामने आने की उम्मीद है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।”

एफआईआर में दर्ज रिश्वत के सामान
- सामान – राशि (रु.)
- लॉयड कंपनी के 5 एसी भुगतान ठेकेदार
- टाइल्स व ग्रेनाइट – 3.39 लाख
- एलईडी लाइटें – 1.40 लाख
- दो स्मार्ट फोन – 59 हजार
- दो सोने की अंगूठियां शिकायत में दर्ज
- दो हीरे की अंगूठियां – 3.50 लाख
इस तरह हुआ खुलासा
- शिकायतकर्ता ने बैंक ट्रांजेक्शन, बिल और वाट्सऐप चैट एसीबी को सौंपे।
- एफआईआर के अनुसार एक परिचित के खाते में 2 लाख रुपये ट्रांसफर करने का भी उल्लेख है।
- एसीबी ने प्रारंभिक जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत मामला दर्ज किया।
2019 से 2023 तक की कथित वसूली
- वर्ष – राशि (रु.)
- 2019 – 32.65 लाख
- 2020 – 42.65 लाख
- 2021 – 93.22 लाख
- कुल 1.68 करोड़ से अधिक
(यह रकम शिकायतकर्ता द्वारा एफआईआर में किए गए दावे पर आधारित है।)









