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8 मौतें, 4 महीने और एक ‘हमदर्द’ हत्यारा…इंसानों से पहले ‘कुत्ते’ पर मर्डर का ट्रायल! ‘कसडोल हत्याकांड’ की वो खौफनाक कहानी, जिसने हिला दिया छत्तीसगढ़

इसे किसी थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट कहिए या किसी शातिर दिमाग की खौफनाक साजिश… लेकिन छत्तीसगढ़ के कसडोल इलाके के खर्वे गांव में जो हुआ, उसने पुलिस से लेकर आम जनता तक की रूह कंपा दी है। पिछले 4 महीनों से गांव में एक के बाद एक 8 रहस्यमयी मौतें हो रही थीं। लोग इसे किस्मत का खेल या कोई बीमारी मान रहे थे, लेकिन पर्दे के पीछे छिपा था एक ऐसा ‘साइको किलर’, जो मौत बांटने के बाद खुद पीड़ितों के अंतिम संस्कार में शामिल होकर आंसू बहाता था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने आखिरकार इस सस्पेंस से पर्दा उठा दिया है और 46 साल के रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाले मामले की पूरी इनसाइड स्टोरी:

बलौदाबाजार, 24 जून 2026। गांव में लगातार हो रही मौतों से खर्वे गांव दहल उठा था, 6 जून 2026 को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटा और उन्होंने कसडोल SDOP को एक आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने साफ कहा—”इन मौतों में कुछ गड़बड़ है, कड़ाई से जांच कीजिए। ” और इसी आवेदन में ग्रामीणों ने एक नाम पर शक जताया था – रामसहाय जायसवाल। इसके बाद मामले की कमान संभाली SDOP कौशल किशोर वासनिक, थाना प्रभारी प्रवीण मिंज और साइबर सेल एक्सपर्ट प्रणाली वैद्य की टीम ने।

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कब्र से निकले राज और ‘कार्तिक’ का वो बयान

पुलिस के सामने चुनौती बड़ी थी। सच जानने के लिए दफनाए जा चुके शवों को कब्र से बाहर निकाला गया और फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया। पुलिस कॉल रिकॉर्ड्स और हर कूटनीतिक एंगल को खंगाल रही थी, तभी उन्हें ‘कार्तिक’ नाम का एक जिंदा सुराग मिला।

कुछ दिन पहले रामसहाय ने कार्तिक नाम के शख्स को भी शराब पिलाई थी, जिसके बाद वह गंभीर रूप से बीमार हो गया था। अस्पताल से ठीक होकर लौटे कार्तिक ने जब पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई, तो पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई। जब पुलिस ने कड़ियों को जोड़ा, तो पता चला कि मरने वाले सभी 8 लोग अपनी मौत से ठीक पहले रामसहाय से मिले थे।

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मौत से पहले सभी की आखिरी मुलाकात एक ही शख्स से

पुलिस जांच में सामने आया कि जिन लोगों की मौत हुई थी, वे सभी मौत से पहले किसी न किसी समय रामसहाय जायसवाल के संपर्क में आए थे। आरोपी शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर लोगों को पिलाता था। पीड़ितों की तबीयत बिगड़ने पर वह अस्पताल तक जाता था और मौत के बाद अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे किसी को उस पर शक न हो।

खौफनाक मोड: इंसानों से पहले ‘कुत्ते’ पर मर्डर का ट्रायल!

पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है। रामसहाय इतना शातिर था कि जहरीली शराब का फॉर्मूला इंसानों पर आजमाने से पहले उसने एक कुत्ते पर इसका ट्रायल (Test Run) किया था। जब कुत्ता मर गया, तो उसे यकीन हो गया कि उसका ‘डेथ लिक्विड’ तैयार है। इसके बाद उसने एक-एक कर अपने 8 शिकार चुने। उन्हें शराब में जहर मिलाकर पिलाया। इतना ही नहीं, वह इतना शातिर था कि शिकार के बीमार होने पर वह खुद हमदर्दी जताने अस्पताल जाता था। मौत हो जाने पर सबसे आगे रहकर अंतिम संस्कार में शामिल होता था, ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो।

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क्यों दी 8 लोगों को मौत?

एक ही गांव के 8 लोगों को मार डालने के पीछे रामसहाय की कोई एक वजह नहीं थी। उसने हर शख्स को अपनी अलग-अलग सनक और रंजिश के चलते ठिकाने लगाया। जांच में जो वजहें सामने आईं, वे पुरानी रंजिश और आपसी दुश्मनी, जमीन का विवाद, पत्नी पर बुरी नजर रखने का शक, टोना-टोटका (अंधविश्वास) का मामला, ब्याज पर पैसों के लेनदेन का विवाद

हत्या के पीछे की क्रूर वजहें

पुलिस पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि हर हत्या के पीछे एक अलग और अजीबोगरीब रंजिश थी:

बद्री पटेल (6 फरवरी 2026): अक्सर गाली-गलौज करने और शराब पिलाने के दबाव से परेशान होकर पहला शिकार बनाया।

बुठालू साहू (20 फरवरी 2026): पुराने चुनावी विवाद और समाज को गाली देने की नाराजगी थी।

छत्तूराम साहू (12 मार्च 2026): आरोपित को शक था कि छत्तूराम उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है।

बुधराम जायसवाल (20 मार्च 2026): जमीन के लेन-देन और पुरानी सामाजिक रंजिश के कारण हत्या की।

विनोद कुमार साहू (31 मार्च 2026): लगातार गाली-गलौज से नाराज होकर उसे जहर मिली शराब पिलाई।

गजानंद मांझी (28 अप्रैल 2026): आरोपित को शक था कि गजानंद उस पर टोने-टोटका कर रहा है।

चैतूराम साहू (29 अप्रैल 2026): आरोपित ने उससे 50 हजार रुपये उधार लिए थे, ब्याज चुकाने से बचने के लिए उसे रास्ते से हटा दिया।

महेतरूराम साहू (14 मई 2026): 2023 के चुनाव के झगड़े और ताने मारने के कारण उसकी जान ले ली।

अंजाम: सलाखों के पीछे ‘साइको किलर’

रामसहाय को लग रहा था कि वह एक ‘परफेक्ट मर्डर’ की स्क्रिप्ट लिख रहा है, लेकिन कानून के लंबे हाथों ने उसकी इस खौफनाक साजिश का अंत कर दिया। पुलिस ने आरोपी रामसहाय जायसवाल पर 8 हत्याओं और 1 हत्या के प्रयास (कार्तिक के मामले में) का केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। कसडोल का यह हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास में अपराध की सबसे अजीब और खौफनाक दास्तानों में दर्ज हो गया है।

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