बिलासपुर उपचुनाव : वार्ड 29 में चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, दावेदारों ने शुरू किया शक्ति प्रदर्शन
बिलासपुर, 7 मई 2026 । नगर निगम के तारबाहर स्थित वार्ड क्रमांक 29 संजय गांधी नगर में उपचुनाव की आहट के साथ ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के संभावित प्रत्याशी मैदान में सक्रिय नजर आने लगे हैं। वार्ड में लगातार जनसंपर्क, बैठकें और समाज आधारित समीकरण साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार 5 मई को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब किसी भी समय उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। पूर्व पार्षद शेख असलम के निधन के बाद यह सीट रिक्त हुई है। खास बात यह है कि इस वार्ड में दूसरी बार उपचुनाव की स्थिति बनी है। इससे पहले वर्ष 2019 में शेख गफ्फार के निधन के बाद हुए उपचुनाव में शेख असलम ने जीत दर्ज की थी।

वार्ड 29 को लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में कांग्रेस सहानुभूति लहर और पुराने संगठनात्मक नेटवर्क के भरोसे चुनावी रणनीति तैयार कर रही है। दूसरी ओर भाजपा सामाजिक समीकरणों के सहारे मुकाबले को रोचक और त्रिकोणीय बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।
कांग्रेस की ओर से मो. आजम, अब्दुल तस्लीम और जयपाल निर्मलकर के नाम चर्चा में हैं। मो. आजम को पूर्व पार्षद शेख असलम के परिवार से जुड़ा होने का लाभ मिल सकता है, वहीं जयपाल निर्मलकर को पूर्व पार्षद परिवार का करीबी माना जा रहा है और उनकी क्षेत्र में सक्रियता भी लगातार बढ़ रही है।

भाजपा की ओर से राजेश रजक, संध्या चौधरी, वी. मधुसूदन राव और मनीष गुप्ता के नामों पर मंथन जारी है। सभी संभावित दावेदार समाज प्रमुखों और स्थानीय मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क साध रहे हैं और संगठन में अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हुए हैं।
इस बार चुनाव में जातीय और सामाजिक समीकरण अहम भूमिका निभा सकते हैं। वार्ड में मुस्लिम मतदाता करीब 1300 बताए जा रहे हैं, जबकि ईसाई समाज के 750 से 800 वोट हैं। सतनामी समाज के लगभग 786 मतदाता मौजूद हैं। इसके अलावा रजक, यादव, सेन, तेलगु और बंगाली समाज का भी प्रभाव माना जा रहा है। ऐसे में दोनों प्रमुख दल उम्मीदवार चयन में सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

वार्ड की राजनीति में महिला मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। कुल 5255 मतदाताओं में 2655 महिला और 2600 पुरुष वोटर शामिल हैं। इसी कारण दावेदार महिलाओं से जुड़े मुद्दों—पानी, सड़क, सफाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा—को प्रमुखता से उठा रहे हैं।
चुनाव की औपचारिक घोषणा भले अभी बाकी हो, लेकिन वार्ड 29 में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। दावेदार जनता के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत कर पार्टी नेतृत्व का भरोसा जीतने की कोशिश में जुटे हुए हैं।










