साय सरकार का बड़ा एक्शन: अवैध खनन पर कड़ा प्रहार, अधिकारियों से बदतमीजी करने वालों पर FIR, 7 गाड़ियां जप्त
रायपुर, 23 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े रुख के बाद प्रदेश में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चल रहा अभियान अब बेहद आक्रामक हो गया है। सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि सूबे की खनिज संपदा की लूट और शासकीय काम में अड़ंगा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इसी कड़ी में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध परिवहन में लगे 7 भारी वाहनों को जप्त किया है। यही नहीं, अंबिकापुर में जांच टीम को धमकी देने और अभद्रता करने वाले रसूखदारों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर (FIR) भी दर्ज कर ली है।

3 जिलों में आधी रात छापा, खलबली
संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा केंद्रीय खनि उड़नदस्ता प्रभारी श्री रजत बंसल के निर्देशन में टीम ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB), सूरजपुर और सरगुजा जिलों में शिकायतों के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (बरबसपुर क्षेत्र) में चूना पत्थर (Limestone) से लदे 2 हाइवा जप्त। सूरजपुर (लटोरी और खड़गवां) में रेत से भरा 1 हाइवा और 1 टिप्पर पकड़ा गया सरगुजा (सकालो और अंबिकापुर) में रेत का अवैध परिवहन करते 3 टिप्परों पर गाज गिरी। जप्त किए गए सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत थानों में सीज कर दिया गया है।
अधिकारी को दी धमकी, तो सीधे पहुंचे हवालात!
इस पूरी कार्रवाई के दौरान सरगुजा के अंबिकापुर (गांधी चौक) में एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा भी देखने को मिला। जब खनिज विभाग की टीम गाड़ियों को रोककर जांच कर रही थी, तब वाहन मालिक, ड्राइवर और उनके कुछ साथियों ने अधिकारियों को घेर लिया। टीम के साथ न सिर्फ गाली-गलौच और अभद्रता की गई, बल्कि शासकीय काम में बाधा डालते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

प्रशासन ने इस बदतमीजी को बेहद गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री के ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देश के तहत बिना वक्त गंवाए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी गई है।
विभाग की दो-टूक चेतावनी: अभी तो यह शुरुआत है…
खनिज विभाग ने इस एक्शन के बाद माफियाओं और उनके संरक्षकों को खुली चेतावनी दी है। विभाग का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं, बल्कि और तेज होगा। कानून तोड़ने, अधिकारियों को डराने या धमकाने वालों के खिलाफ अब सीधे जेल भेजने की कार्रवाई होगी। राज्य के राजस्व और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन का यह संयुक्त चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।











