CG Sports: खेलों पर सरकार का बड़ा फोकस, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए ₹100 करोड़; राज्य में होगी हॉकी लीग
उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले- खेल बजट बढ़कर ₹304 करोड़ पहुंचा, 6 नए जिलों में खेल अधिकारी और 79 पदों पर होगी भर्ती

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये और छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 57 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार तथा उप संचालक रश्मि ठाकुर भी मौजूद थीं।

राज्य में होगी हॉकी लीग, प्रशिक्षकों को मिलेगा हाई-लेवल प्रशिक्षण
अरुण साव ने बताया कि राज्य में हॉकी लीग के आयोजन की तैयारी चल रही है। वहीं खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए 14 प्रशिक्षकों को पटियाला भेजा गया है, जहां उन्हें उच्च स्तरीय कोचिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
6 नए जिलों में खेल अधिकारी, 79 पदों पर भर्ती
खेल गतिविधियों के विस्तार के लिए सरकार ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती जिलों में खेल अधिकारी के पद सृजित किए हैं।

इसके अलावा विभाग में 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डनों सहित कुल 79 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
₹4 करोड़ से बढ़कर ₹304 करोड़ पहुंचा खेल बजट
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के समय खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट केवल 4 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 304 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेल के मैदान तक लाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

बस्तर के बाद अब सरगुजा ओलंपिक
अरुण साव ने कहा कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का सफल आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में इस वर्ष सरगुजा ओलंपिक की भी शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है और आने वाले वर्षों में राज्य को खेलों का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।








