CG News; चार करोड़ रुपये, मॉडिफाइड पिकअप और दो लोग हिरासत में; दुर्ग में नकदी बरामदगी से मचा हड़कंप

Durg Cash Seized: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने चार करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। रकम एक बोलेरो मैक्स पिकअप के पिछले हिस्से में बनाए गए गुप्त चेंबर में छिपाकर रखी गई थी। खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा में 25 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे की गई कार्रवाई के बाद पुलिस ने वाहन में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। नकदी के स्रोत और परिवहन के उद्देश्य की जांच के लिए आयकर विभाग को भी सूचना दी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, सफेद रंग की पिकअप रायपुर से नागपुर की ओर जा रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वाहन को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन के पिछले हिस्से में किए गए बदलावों ने पुलिस का ध्यान खींचा। बारीकी से तलाशी लेने पर वहां एक विशेष गुप्त चेंबर मिला, जिसमें भारतीय मुद्रा के बंडल रखे हुए थे।

गाड़ी के भीतर बना था गुप्त चेंबर, तलाशी में खुला राज
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जिस वाहन को पकड़ा, उसका पंजीयन क्रमांक CG 04 QU 5996 है। वाहन के पिछले हिस्से को मॉडिफाई कर बंद किया गया था। तलाशी के दौरान इसी हिस्से में गुप्त चेंबर मिलने के बाद पुलिस ने उसे खुलवाया। इसके भीतर से चार करोड़ रुपये नकद बरामद हुए।
इतनी बड़ी रकम को वाहन में छिपाकर ले जाने के मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी किसकी है, कहां से लाई गई थी और इसे नागपुर ले जाने का उद्देश्य क्या था।

पिकअप में सवार दो लोग हिरासत में
पुलिस के अनुसार, वाहन चालक की पहचान भवेशभाई जीनाभाई डाभी के रूप में हुई है, जबकि दूसरे व्यक्ति का नाम विष्णुदेव दुबे बताया गया है। दोनों को हिरासत में लेकर रकम के स्रोत, वास्तविक स्वामित्व और परिवहन से जुड़े तथ्यों पर पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इतनी बड़ी नकदी के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या कारोबारी लेनदेन से जुड़े प्रमाण मौजूद हैं या नहीं। फिलहाल रकम के वास्तविक मालिक और उसे ले जाने के उद्देश्य को लेकर अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।

आयकर विभाग करेगा वित्तीय पहलुओं की जांच
चार करोड़ रुपये की बरामदगी के बाद मामले के वित्तीय पहलुओं की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस ने नकदी के स्रोत और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल के लिए आयकर विभाग को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू की है।
फिलहाल बरामदगी के आधार पर रकम को हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ मानना जल्दबाजी होगी। इसकी पुष्टि के लिए वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है।
दुर्ग पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि चार करोड़ रुपये किसके हैं और इतनी बड़ी रकम को गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जाने के पीछे क्या वजह थी।









