पटना में खड़गे का बयान, छत्तीसगढ़ में साय का पलटवार; माफी की मांग से गरमाई राजनीति

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पटना में की गई टिप्पणी पर सियासी विवाद तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए खड़गे से देश के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इस मुद्दे ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को एक बार फिर तेज कर दिया है।
25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संबोधित कर रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने भाजपा, केंद्र सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के आरोप भी लगाए।

इसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस पर खड़गे ने जवाब दिया, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में हंगामे की स्थिति बन गई और टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
खड़गे की टिप्पणी को लेकर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण व्यापक रूप से चुनाव प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों और भाजपा की राजनीति पर उनके हमलों के संदर्भ में भी चर्चा में रहा।

CM साय ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में खड़गे की टिप्पणी को अमर्यादित बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का राजनीतिक विरोध करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने उनके दिवंगत पिता को भी निशाने पर ले लिया।
साय ने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक सीमा होती है और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस टिप्पणी को कांग्रेस की राजनीतिक सोच और संस्कारों से जोड़ते हुए पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए।

उन्होंने खड़गे से देश के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की। मुख्यमंत्री का कहना है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद किसी के दिवंगत परिजन को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है।
भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ी बयानबाजी
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। भाजपा नेताओं ने खड़गे की भाषा पर सवाल उठाए हैं, जबकि पटना में कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण का बड़ा हिस्सा भाजपा सरकार और चुनाव प्रक्रिया पर लगाए गए उनके आरोपों से जुड़ा था।









