CG-नकटी में बुलडोजर एक्शन शुरू: 55 एकड़ में बनेगी विधायक कॉलोनी, 85 मकान खाली कराने 4000 पुलिसवाले और 14 बुलडोजर के साथ पहुंचा प्रशासन, जमकर विरोध
55 एकड़ में प्रस्तावित विधायक आवासीय कॉलोनी को लेकर बड़ी कार्रवाई, ग्रामीणों का विरोध, सांसद ने सीएम से समाधान निकालने का दिया भरोसा।
रायपुर, 29 जून 2026. राजधानी रायपुर से लगे नकटी गांव में सोमवार सुबह प्रशासन ने शासकीय चरागाह भूमि को खाली कराने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया। प्रस्तावित विधायक आवासीय कॉलोनी के निर्माण के लिए करीब 85 मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 4000 पुलिसकर्मियों, 14 बुलडोजर, 250 कोटवार, 300 सदस्यीय प्रहरी दल और करीब 200 अधिकारियों की संयुक्त टीम तैनात की गई है।
सुबह चार बजे से ही प्रशासन की अलग-अलग टीमें गांव पहुंचने लगीं और चिन्हित मकानों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान कई ग्रामीणों ने विरोध जताया। पुलिस की घेराबंदी तोड़ने की कोशिश में ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। तनाव को देखते हुए पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई है।

गांव को कई सेक्टरों में बांटकर चल रही कार्रवाई
प्रशासन ने अभियान को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए नकटी गांव को कई सेक्टरों में विभाजित किया है। प्रत्येक सेक्टर में राजस्व, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की अलग-अलग टीमें तैनात हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और पहले जारी किए गए नोटिसों के आधार पर की जा रही है।
85 परिवारों के सामने बेघर होने का संकट
करीब ढाई हजार की आबादी वाले नकटी गांव में जिन 85 परिवारों को नोटिस जारी किया गया है, उनका कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से इसी जमीन पर रह रहे हैं। रविवार को गांव के सैकड़ों लोग पीपल के पेड़ के नीचे इकट्ठा होकर सरकार के फैसले के खिलाफ बैठक करते रहे और कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया।

सांसद से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने हाल ही में सांसद बृजमोहन अग्रवाल से भी मुलाकात की थी। सांसद ने उन्हें भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों के नाम पर किसी को बेघर करना सरकार की मंशा नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा कर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
55 एकड़ में बनेगी विधायक कॉलोनी
राज्य सरकार की योजना नकटी गांव की करीब 55 एकड़ भूमि पर विधायक आवासीय कॉलोनी विकसित करने की है। इस परियोजना को लेकर पिछले वर्ष भी विवाद हुआ था। उस समय ग्रामीणों ने करीब दो महीने तक धरना दिया था, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ था। अब एक बार फिर जमीन खाली कराने की कार्रवाई शुरू होने से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।











