सरपंच को ‘हनी ट्रैप’ में फंसाने की बड़ी साजिश नाकाम! 3 लाख का लालच देकर 18 साल की लड़की से लिखवाई झूठी FIR, पत्रकार समेत 5 पर केस
बलौदाबाजार 29 जून 2026. छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कसडोल थाना पुलिस ने दावा किया है कि ग्राम कटगी के सरपंच को झूठे दुष्कर्म प्रकरण में फंसाने की पूर्व नियोजित साजिश रची गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने एक पत्रकार समेत पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
18 वर्षीय युवती से दर्ज कराई गई थी शिकायत
पुलिस के मुताबिक, 18 वर्षीय युवती ने बयान में बताया कि उसकी एक सहेली और उसके परिचित उसे यह कहकर अपने साथ ले गए कि उन्हें गांव की एक युवती की मदद करनी है। इसके बाद उसे ग्राम कटगी के सरपंच के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार किया गया। युवती ने पुलिस को यह भी बताया कि शिकायत दर्ज कराने के एवज में उसे तीन लाख रुपये दिलाने का लालच दिया गया था।

जांच में सामने आई कथित साजिश
शिकायत मिलने के बाद कसडोल थाना पुलिस ने पूरे मामले की विस्तृत जांच की। इस दौरान संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की गई।
पुलिस का दावा है कि जांच में यह मामला पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा प्रतीत हुआ, जिसका उद्देश्य ग्राम कटगी के सरपंच को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाना था।

पत्रकार समेत पांच लोगों पर मामला दर्ज
जांच के आधार पर पुलिस ने ग्राम कटगी निवासी भागवत थवाईत, दीपक थवाईत, शिवा चेलक, एक युवती (परिवर्तित नाम- ज्योति) तथा पत्रकार विजय तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर युवती को बहला-फुसलाकर झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया और कथित साजिश को अंजाम देने का प्रयास किया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
कसडोल थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 308(6), 217, 248(ख), 61(2) और 45 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिकायत असत्य पाई गई। इसी आधार पर कथित साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।










