LIVE UPDATE

CG News: निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, जमीन की अनिवार्यता खत्म, यहां जानें नए नियम

CG News: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में बदलाव किया है. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जो भी नए नियम लाए गए हैं उनमें काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. नए प्रावधानों के तहत अब नीजी स्कूलों के लिए अपनी जमीन होना अनिवार्य नहीं होगा. केवल जमीन ही नहीं बल्कि नए प्रावधानों के मुताबिक खेल मैदान, पुस्तकालय और प्रयोगशाला जैसी आधारभूत सुविधाएं भी स्कूल परिसर के भीतर होना जरूरी नहीं है.

इन सुविधाओं की व्यवस्था साझेदारी

स्कूल संचालक इन सुविधाओं की व्यवस्था साझेदारी, अनुबंध या किराये के मॉडल के जरिए कर सकेंगे. यानी कि यदि किसी निजी स्कूल के पास खेल मैदान, प्रयोगशाला या पुस्तकालय उपलब्ध नहीं है तो वह किसी सरकारी संस्थान, नगर निगम और पहले से मान्यता प्राप्त अन्य शिक्षण संस्थान के साथ समझौता कर इन संसाधनों का उपयोग कर सकेगा. इस बदलाव के बारे में माशिमं अधिकारियों का कहना है कि ये बदलाव केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन और शिक्षा क्षेत्र में संसाधनों के बेहतर उपयोग की अवधारणा के अनुरूप किए गए हैं.

ये खबर भी पढ़ें…
25% कमीशन से लेकर AC और सोने की अंगूठियों तक! 1.76 करोड़ की कथित काली कमाई में पूर्व मुख्य अभियंता पर EOW का 1500 पन्नों का आरोप-पत्र
25% कमीशन से लेकर AC और सोने की अंगूठियों तक! 1.76 करोड़ की कथित काली कमाई में पूर्व मुख्य अभियंता पर EOW का 1500 पन्नों का आरोप-पत्र
August 15, 2026
रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथी वर्मा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामले में आर्थिक...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सीजी बोर्ड से संबद्ध 6,800 से अधिक निजी स्कूल संचालित

प्रदेश में वर्तमान में सीजी बोर्ड से संबद्ध 6,800 से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं. राजधानी की बात करें तो अकेले रायपुर में इन स्कूलों की संख्या 700 से अधिक हैं. इन 700 में से ज्यादातर स्कूल ऐसे हैं कि मैदान पर जहां खेल मैदान की स्थायी व्यवस्था नहीं है. शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि नया माडल उन स्कूलों के लिए राहत लेकर आएगा जो शहरी क्षेत्रों में सीमित भूमि और बढ़ती लागत के कारण आधारभूत संरचना विकसित नहीं कर पा रहे थे.

शिक्षा विशेषज्ञों का तर्क

नए नियमों को लेकर निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि इससे छोटे और मध्यम स्तर के संस्थानों को राहत मिलेगी और शिक्षा का विस्तार होगा. दूसरी ओर शिक्षा विशेषज्ञों का तर्क है कि यदि निगरानी मजबूत नहीं रही तो केवल कागजों पर समझौते दिखाकर स्कूल संचालन की प्रवृत्ति बढ़ सकती है.

ये खबर भी पढ़ें…
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना में बड़ा फेरबदल: धीरेंद्र साहू बने प्रदेश अध्यक्ष, दिलीप मिरी को संयोजक की जिम्मेदारी; लीगल टीम भी गठित
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना में बड़ा फेरबदल: धीरेंद्र साहू बने प्रदेश अध्यक्ष, दिलीप मिरी को संयोजक की जिम्मेदारी; लीगल टीम भी गठित
August 15, 2026
कोरबा। छत्तीसगढ़ में करीब एक दशक से सक्रिय गैर-राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (CKS) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *