5 BJP कार्यकर्ता निष्कासित; डोंगरगढ़ भाजपा मंडल भंग, अनुशासनहीनता पर सख्त हुए प्रदेश नेतृत्व
रायपुर/राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ भाजपा संगठन में लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच प्रदेश नेतृत्व ने बड़ा फैसला लेते हुए डोंगरगढ़ मंडल इकाई को भंग कर दिया है। साथ ही पार्टी के 5 कार्यकर्ताओं को निष्कासित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
इस मामले पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पार्टी का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है, लेकिन अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

अनुशासन सर्वोपरि: अरुण साव
अरुण साव ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को अपनी गलती सुधारने का अवसर देती है, लेकिन बार-बार समझाने के बाद भी यदि कोई अनुशासन का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ में भी इसी आधार पर मंडल स्तर पर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने दोहराया कि भाजपा संगठन में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और पार्टी के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जल्द होगा नए मंडल का गठन
पार्टी सूत्रों के अनुसार, डोंगरगढ़ भाजपा मंडल का जल्द ही नए सिरे से गठन किया जाएगा। संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर असंतोष दूर करने और संगठन को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।
इन 5 कार्यकर्ताओं पर हुई कार्रवाई
प्रदेश भाजपा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित किया गया है, उनमें प्रिंस कक्कड़, अनिल पांडेय, वीरेंद्र साहू, संतोष राव और परविंदर सिंह मोंटी शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि ये सभी नाम पिछले कुछ समय से डोंगरगढ़ भाजपा में चल रहे संगठनात्मक विवाद और विरोध से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर चर्चा में थे। प्रदेश नेतृत्व की इस कार्रवाई को संगठन में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में बड़ा और सख्त कदम माना जा रहा है।










