डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी, 82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर 7 दिन तक रहीं ठगों के जाल में
बिलासपुर, 30 अप्रैल 2026। शहर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर उनसे 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए ठग लिए। ठगों ने खुद को पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को सात दिनों तक मानसिक दबाव में रखा।
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रो. रमन श्रीवास्तव (82 वर्षीय) रिटायर्ड प्रोफेसर को 20 अप्रैल को व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और महिला पर एक प्रतिबंधित संगठन को फंडिंग करने का आरोप लगाया। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और नोटिस दिखाकर उन्हें डराया गया।

ठगों ने महिला को यह कहकर डरा दिया कि उनका फोन सर्विलांस पर है और अगर उन्होंने किसी को जानकारी दी तो उनके बेटे और पोते को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस धमकी से घबराकर महिला पूरी तरह उनके झांसे में आ गईं।
बताया जा रहा है कि ठगों ने सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नाम से फर्जी वारंट और नोटिस भी भेजे, जिससे महिला और ज्यादा डर गईं। इसी डर के चलते उन्होंने सात दिनों तक घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया और किसी से संपर्क नहीं किया।

इस दौरान महिला ने अलग-अलग तारीखों में ठगों के बताए खातों में कुल 1.04 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगों ने केस खत्म करने के नाम पर 50 लाख रुपए और मांगे और पैसे नहीं देने पर परिवार को फंसाने की धमकी दी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला ने अपने मुंबई में रहने वाले बेटे प्रशांत श्रीवास्तव से 50 लाख रुपए की मांग की। बेटे को शक हुआ और उसने पूरी बात पूछी, तब जाकर ठगी का पर्दाफाश हुआ।

फिलहाल, पीड़िता की शिकायत पर रेंज साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि इस तरह के किसी भी कॉल या नोटिस से घबराएं नहीं और तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें।










