छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आज से नया रोस्टर लागू, 2 डिवीजन बेंच और 8 सिंगल बेंच करेंगी मामलों की सुनवाई

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 से नया रोस्टर प्रभावी हो गया है। चीफ जस्टिस के प्रभार संभालने के बाद सोमवार शाम हाईकोर्ट की नई बेंच व्यवस्था जारी की गई। नए रोस्टर के तहत हाईकोर्ट में दो डिवीजन बेंच, आठ सिंगल बेंच और दो विशेष बेंचों में मामलों की सुनवाई होगी।
नए रोस्टर में अलग-अलग श्रेणी के मामलों को बेंचवार विभाजित किया गया है। जनहित याचिका, रिट अपील, आपराधिक मामले, टैक्स से जुड़े मामले, कंपनी कानून, वैवाहिक विवाद, सर्विस मैटर, सिविल और क्रिमिनल अपील सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए अलग-अलग बेंच निर्धारित की गई हैं।

डिवीजन बेंच-1 में चीफ जस्टिस के साथ जस्टिस संजय कुमार जायसवाल
नए रोस्टर के मुताबिक डिवीजन बेंच-1 में चीफ जस्टिस के साथ जस्टिस संजय कुमार जायसवाल मामलों की सुनवाई करेंगे।
इस बेंच को महत्वपूर्ण संवैधानिक और रिट संबंधी मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अंतर्गत जनहित याचिकाएं (PIL), रिट अपील, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं और आपराधिक अवमानना याचिकाएं शामिल हैं। इसके अलावा डिवीजन बेंच के सभी रिट मामले भी इसी बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किए जाएंगे।

डिवीजन बेंच-1 को सभी आपराधिक मामले, टैक्स संबंधी मामले और टैक्स मामलों से जुड़ी रिट अपीलों की सुनवाई की जिम्मेदारी भी दी गई है। वहीं ऐसे सभी सिविल मामले, जिन्हें किसी अन्य डिवीजन बेंच को विशेष रूप से आवंटित नहीं किया गया है, उनकी सुनवाई भी डिवीजन बेंच-1 करेगी।
डिवीजन बेंच-2 में जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल
डिवीजन बेंच-2 में जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू के साथ जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल बैठेंगे। इस बेंच के अधिकार क्षेत्र में मुख्य रूप से कंपनी अपील, वैवाहिक मामलों से संबंधित प्रथम अपील और कमर्शियल अपीलेट डिवीजन बेंच से जुड़े मामले रखे गए हैं।

यानी कंपनी कानून से संबंधित अपील, वैवाहिक विवादों से जुड़ी निर्धारित प्रथम अपील और वाणिज्यिक मामलों की अपीलीय सुनवाई अब डिवीजन बेंच-2 में होगी।
आठ सिंगल बेंचों में अलग-अलग मामलों का बंटवारा
नए रोस्टर में हाईकोर्ट की आठ सिंगल बेंचों को भी अलग-अलग श्रेणी के मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है।
इनमें—
- जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू
- जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास
- जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी
- जस्टिस सचिन सिंह राजपूत
- जस्टिस राकेश मोहन पांडेय
- जस्टिस नवल किशोर व्यास
- जस्टिस बिभु दत्ता गुरु
- जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद
को अलग-अलग मामलों की सुनवाई का दायित्व सौंपा गया है।
इन सिंगल बेंचों में जमानत याचिका, आपराधिक अपील और रिवीजन, सिविल अपील और रिवीजन, रिट याचिकाएं, सर्विस मैटर, मोटर दुर्घटना दावा मामलों से संबंधित अपील सहित अन्य मामलों की सुनवाई होगी। इसके अलावा पूर्व से लंबित और संबंधित बेंच से जुड़े टाइड-अप मामलों की सुनवाई भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार होगी।
मामलों की सुनवाई के लिए तय हुआ नया बेंचवार ढांचा
नए रोस्टर के जरिए हाईकोर्ट में मामलों की सुनवाई को अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर व्यवस्थित किया गया है। इससे वकीलों और पक्षकारों के लिए यह स्पष्ट रहेगा कि किस तरह के मामले किस बेंच के समक्ष सूचीबद्ध होंगे। चीफ जस्टिस के प्रभार संभालने के बाद जारी यह नया रोस्टर 8 सितंबर से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
नए रोस्टर से बदलेगी मामलों की लिस्टिंग
हाईकोर्ट में हर नए रोस्टर के साथ अलग-अलग बेंचों के अधिकार क्षेत्र में बदलाव होता है। ऐसे में नए रोस्टर के प्रभावी होने के बाद अब मुकदमों की लिस्टिंग और सुनवाई भी निर्धारित बेंच के अनुसार होगी।
खास तौर पर PIL, रिट, आपराधिक, टैक्स, कंपनी, वैवाहिक, सर्विस और कमर्शियल मामलों से जुड़े अधिवक्ताओं को नए बेंच आवंटन के अनुसार मामलों की पैरवी करनी होगी। नए रोस्टर के लागू होने के साथ अब हाईकोर्ट में मामलों की सुनवाई का पूरा ढांचा नई व्यवस्था के अनुसार संचालित होगा।









