CG News: नवा रायपुर में खुलेगा NMIMS का बड़ा कैंपस, 40 एकड़ में बनेगा राष्ट्रीय स्तर का संस्थान; 10 हजार छात्रों को मिलेगा फायदा

रायपुर, 1 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खबर है। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल Narssee Monjee Institute of Management Studies (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मंगलवार को संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS के अत्याधुनिक कैंपस की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार का दावा है कि इस संस्थान के आने से छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रबंधन, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के अवसर अपने ही प्रदेश में उपलब्ध होंगे।

40 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक कैंपस
NMIMS का कैंपस नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में करीब 40 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह भूमि 90 वर्ष की लीज पर दी गई है।
राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को NMIMS के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाते हुए अब लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री भी पूरी कर ली गई है।

2 से 3 साल में शुरू हो सकता है पहला बैच
संस्थान की स्थापना की पूरी प्रक्रिया को अगले सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, छात्रों को इसका लाभ इससे काफी पहले मिलना शुरू हो जाएगा।
सरकार के मुताबिक, दो से तीन वर्षों के भीतर NMIMS का पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। कैंपस के पूरी तरह विकसित होने के बाद यहां करीब 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।

छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों का रुख न करना पड़े। NMIMS की स्थापना से छात्रों को Management, Skill Development और आधुनिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने राज्य में ही प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रदेश के प्रतिभाशाली छात्रों को बाहर जाने की जरूरत कम होगी, वहीं देश के दूसरे हिस्सों से भी विद्यार्थी नवा रायपुर में पढ़ाई के लिए आ सकते हैं।
शिक्षा के साथ रोजगार और स्टार्टअप को भी मिलेगी गति
NMIMS कैंपस का असर केवल शिक्षा तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। संस्थान के माध्यम से कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे।
विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल से उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी। इससे छत्तीसगढ़ में विकसित हो रहे औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों को भी प्रशिक्षित युवाओं का लाभ मिल सकता है।
नवा रायपुर बनेगा Education और Knowledge Hub
राज्य सरकार नवा रायपुर को आधुनिक शहर के साथ-साथ Education और Knowledge Hub के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना इस योजना को बड़ा आधार दे सकती है।
देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के आने से नवा रायपुर का शैक्षणिक और बौद्धिक वातावरण और समृद्ध होने की उम्मीद है। इसके साथ ही हॉस्टल, परिवहन, किराये के आवास, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों में भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री बोले- युवाओं को प्रदेश में ही मिलेंगे बड़े अवसर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने NMIMS की स्थापना को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के CEO चंदन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अब नवा रायपुर में बदल सकता है शिक्षा का पूरा परिदृश्य
लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री पूरी होने के साथ NMIMS कैंपस की स्थापना की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। आने वाले वर्षों में संस्थान के विकसित होने के बाद करीब 10 हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाला यह कैंपस नवा रायपुर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राज्य सरकार के लिए यह कदम सिर्फ एक नए शिक्षण संस्थान की स्थापना नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता को एक साथ जोड़कर छत्तीसगढ़ को Knowledge Economy की दिशा में आगे बढ़ाने की बड़ी पहल के तौर पर देखा जा रहा है।









