स्मार्ट मीटर पर बड़ा अपडेट: अब हर उपभोक्ता के घर लगेगा मीटर, केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने जारी किए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देशभर में बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने राज्यों को स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना जरूरी होगा।
खास बात यह है कि स्मार्ट मीटर केवल प्रीपेड उपभोक्ताओं के लिए नहीं होगा। प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। उपभोक्ता किस श्रेणी में आता है या बिजली बिल किस तरीके से भरता है, इससे स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बैकुंठपुर में जांच, स्मार्ट मीटर की रीडिंग सही मिली
स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच CSPDCL ने बैकुंठपुर के एक मामले की जांच की। जांच में स्मार्ट मीटर की रीडिंग 100 प्रतिशत सही पाई गई।
जांच के दौरान स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की बिजली खपत का मिलान किया गया। दोनों मीटरों की खपत में सिर्फ 1 यूनिट का अंतर मिला। इसके बाद CSPDCL ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

बिजली की खपत पर रहेगी नजर
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को पहले से बेहतर तरीके से ट्रैक कर सकेंगे। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि घर में किस समय और कितनी बिजली खर्च हो रही है।
इसका फायदा यह भी होगा कि ज्यादा खपत होने पर उपभोक्ता समय रहते बिजली का इस्तेमाल कम कर सकेंगे। यानी स्मार्ट मीटर सिर्फ बिल बनाने का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि बिजली की खपत को नियंत्रित करने का भी जरिया बनेगा।

आगे ToD टैरिफ का मिल सकता है फायदा
स्मार्ट मीटर के साथ भविष्य में Time of Day (ToD) टैरिफ का फायदा भी उपभोक्ताओं को मिल सकता है। इसके तहत बिजली की दरें अलग-अलग समय के हिसाब से तय की जा सकती हैं।
ऐसे में उपभोक्ता महंगे पीक टाइम के बजाय कम दर वाले समय में ज्यादा बिजली इस्तेमाल करके अपना बिजली बिल कम कर सकते हैं।
प्रीपेड मीटर में छोटी रकम से रिचार्ज
केंद्र सरकार स्मार्ट मीटर को प्रीपेड व्यवस्था से भी जोड़ रही है। इसके तहत उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से छोटी राशि में बिजली रिचार्ज कर सकेंगे।
प्रीपेड व्यवस्था से बिजली कंपनियों को भी फायदा होगा। उन्हें पहले ही राजस्व मिल सकेगा, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी की जरूरत कम हो सकती है।
राज्यों को काम तेज करने के निर्देश
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मौजूदा नियमों के तहत सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है।
यानी आने वाले समय में पारंपरिक बिजली मीटर की जगह स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने वाला है। उपभोक्ताओं के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वे अपनी बिजली खपत पर ज्यादा नियंत्रण रख सकेंगे और बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी।








