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किसानों के लिए बड़ी तैयारी: नैनो DAP-यूरिया को बढ़ावा, Vishnu Deo Sai सरकार ने खाद वितरण पर बढ़ाई निगरानी

रायपुर, 03 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को समय पर खाद एवं कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड तथा जिला प्रशासन के समन्वय से पूरे प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

राज्य सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावनाओं को देखते हुए अग्रिम तैयारी की है। उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण, समयबद्ध परिवहन और किसानों तक सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों, कृषि अधिकारियों, सहकारिता विभाग तथा मार्कफेड को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी की जा रही है।

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कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है।

वर्तमान में राज्य में 9.29 लाख मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक खाद का स्टॉक गोदामों और सोसायटियों में उपलब्ध है। जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को इस खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है, जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं।

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कृषि विभाग के संचालक राहुल देव ने बताया कि किसानों को पर्याप्त खाद मिले, इसके लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि 1 जून 2026 की स्थिति में तिल्दा (रायपुर) में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, बेलसोंडा (महासमुंद) में 1316 मीट्रिक टन यूरिया, खरसिया (रायगढ़) में 2646 मीट्रिक टन यूरिया तथा बालोद में 1319 मीट्रिक टन यूरिया की खेप पहुंचने वाली है। इस प्रकार कुल 6600 मीट्रिक टन यूरिया की अतिरिक्त आपूर्ति होगी।

अधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद जिले में वर्तमान में 17,818 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की मुकुरमुडा समिति में खरीफ सीजन के लिए 362 मीट्रिक टन उर्वरकों का अग्रिम भंडारण किया गया है।

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मुंगेली जिले में यूरिया वितरण के दौरान तकनीकी प्रक्रिया के कारण उत्पन्न अस्थायी स्थिति का तत्काल समाधान कर प्रशासन एवं कृषि विभाग की निगरानी में किसानों को व्यवस्थित रूप से खाद उपलब्ध कराया गया।

बस्तर जिले में खरीफ 2026 हेतु उर्वरक भंडारण एवं वितरण का कुल लक्ष्य 46,050 मीट्रिक टन निर्धारित है। इसके विरुद्ध वर्तमान में 29,719 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 64 प्रतिशत है।

रायपुर जिले में यूरिया की वर्तमान उपलब्धता 9,102 मीट्रिक टन है, जबकि कुल 10,732 मीट्रिक टन यूरिया भंडारित किया गया है। डीएपी की उपलब्धता 3,092 मीट्रिक टन है तथा कुल भंडारण 3,927 मीट्रिक टन है।

किसानों की सुविधा के लिए भूमि की उपलब्धता के आधार पर यूरिया वितरण की किश्तें निर्धारित की गई हैं। ढाई एकड़ तक भूमि वाले किसानों को निर्धारित मात्रा एकमुश्त मिलेगी, ढाई से पांच एकड़ तक के किसानों को दो किश्तों में तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।

राजनांदगांव जिले में खरीफ 2026 हेतु 68,690 मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है। जिले में वर्तमान में 42,997 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो गत वर्ष की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक है। जिले में अब तक 10,874 किसानों को खाद का वितरण किया जा चुका है।

कोरिया जिले में कुल 12,150 मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरुद्ध अब तक 6,196 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। सभी समितियों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

बिलासपुर जिले को खरीफ 2026 के लिए 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य मिला है। इसके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण तथा 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। जिले में वर्तमान में 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है।

कोरबा जिले में 1 अप्रैल से 31 मई 2026 तक कुल 2101.85 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया गया है। इनमें सर्वाधिक 1165.85 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण शामिल है।

धमतरी जिले में वर्तमान में कुल 19,358 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 4,318 मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। वितरण के बाद भी 15,040 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी जिलों में सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण कर किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वितरण किया जा रहा है।

राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक एवं प्रभावी उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों को इनके लाभ बताए जा रहे हैं, ताकि कृषि लागत में कमी और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिल सके।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह वैकल्पिक है तथा किसानों को उनकी आवश्यकता और सहमति के आधार पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में उर्वरक वितरण एवं भंडारण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित समिति प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है तथा विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए उर्वरकों की उपलब्धता, परिवहन, भंडारण और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान को समय पर आवश्यक खाद एवं कृषि आदान उपलब्ध हो और खेती-किसानी का कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने तथा कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शासन स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

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