पूर्व IAS की जमानत याचिका खारिज; DMF घोटाले में फंसे पूर्व IAS अनिल टुटेजा को जमानत से इनकार, कोर्ट ने बताई गंभीर वजहें
बिलासपुर, 27 अप्रैल 2026 । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। जस्टिस एन.के. व्यास की एकलपीठ ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध बताते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में आरोपी की संलिप्तता के पर्याप्त संकेत मिले हैं, ऐसे में फिलहाल जमानत देना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी उच्च पद पर रह चुके हैं, जिससे गवाहों और सबूतों को प्रभावित करने की आशंका बनी रहती है।

इस मामले की जांच EOW और ACB द्वारा की जा रही है, जिसमें ED की रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। जांच में सामने आया है कि DMF फंड में अनियमितताएं करते हुए कुछ निजी कंपनियों के माध्यम से अवैध लेनदेन किया गया और करोड़ों रुपये का कमीशन लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध राशि का एक हिस्सा आरोपी तक पहुंचने के संकेत भी मिले हैं। अनिल टुटेजा उस समय उद्योग विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर पदस्थ थे। जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और वर्तमान में वे न्यायिक हिरासत में हैं।

वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले में अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और जांच में अनावश्यक देरी हो रही है। हालांकि, राज्य सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को जमानत मिलने पर गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।











