सरकारी कर्मचारी ने की दूसरी शादी तो जाएगी नौकरी! सरकार ने बदले नियम, दोबारा नौकरी भी नहीं मिलेगी
असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने बदले सेवा नियम; बहुविवाह के मामले में दोषी पाए जाने पर सीधे बर्खास्तगी का प्रावधान, सभी धर्मों के कर्मचारियों पर लागू होगा नियम

CGNews24@Desknews. सरकारी नौकरी में रहते हुए दूसरी शादी करना अब कर्मचारियों के लिए भारी पड़ सकता है। असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने बहुविवाह को लेकर सख्त फैसला किया है। राज्य में यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने मौजूदा विवाह के रहते दूसरा विवाह करता है और विभागीय जांच में दोषी पाया जाता है, तो उसे नौकरी से बर्खास्त किया जा सकेगा। इतना ही नहीं, बर्खास्तगी के बाद वह भविष्य में सरकारी नौकरी पाने के लिए भी अयोग्य हो जाएगा।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में मंगलवार, 3 नवंबर को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया को फैसले की जानकारी दी। सरकार ने असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके जरिए बहुविवाह के मामलों में अब पहले से अधिक कठोर विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ किया गया है।

पहले निलंबन, अब नौकरी से बर्खास्तगी
असम सरकार के इस फैसले से सेवा नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले बहुविवाह के मामलों में सरकारी कर्मचारियों को निलंबित करने जैसी कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब दोषी पाए जाने पर सेवा से बर्खास्तगी की सजा दी जाएगी।
संशोधित नियमों के तहत बर्खास्त कर्मचारी भविष्य में सरकारी सेवा के लिए भी अयोग्य होगा। यानी कार्रवाई का असर केवल मौजूदा नौकरी तक सीमित नहीं रहेगा।

हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सभी पर लागू होगा नियम
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि यह प्रावधान धर्म के आधार पर अलग-अलग नहीं होगा। उनके मुताबिक, समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रावधानों के तहत हिंदू, मुस्लिम, ईसाई समेत सभी समुदायों के सरकारी कर्मचारियों पर यह नियम लागू होगा। सरकार ने इस फैसले को महिला अधिकारों की सुरक्षा, लैंगिक समानता और सरकारी सेवा में अनुशासन बनाए रखने से जोड़कर पेश किया है।
2023 में भी जारी हुआ था आदेश
गौरतलब है कि असम सरकार ने अक्टूबर 2023 में भी सरकारी कर्मचारियों की दूसरी शादी को लेकर निर्देश जारी किए थे। उस आदेश के मुताबिक, यदि किसी कर्मचारी का जीवनसाथी जीवित है तो दूसरी शादी करने से पहले सरकार की अनुमति लेना जरूरी था। यह प्रावधान महिला और पुरुष दोनों कर्मचारियों पर लागू किया गया था।

अब सरकार ने सेवा नियमों में संशोधन कर इस तरह के मामलों में सजा को और कठोर करने का फैसला किया है।
विभागीय जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि किसी कर्मचारी पर आरोप लगते ही उसकी नौकरी चली जाएगी। संबंधित मामले में विभागीय जांच होगी और दोष साबित होने के बाद सेवा नियमों के तहत बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा सकेगी। नए प्रावधान के बाद असम में सरकारी कर्मचारियों के लिए विवाह संबंधी सेवा नियमों का उल्लंघन गंभीर विभागीय कार्रवाई का कारण बन सकता है।









