GGU में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: तीन विभागों के HOD बदले, दिलीप कुमार झा को विवादों के बीच फिर मिली जिम्मेदारी

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में विभागीय प्रशासन को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इतिहास, प्राणीशास्त्र और अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष बदल दिए हैं। नए आदेश के तहत इतिहास विभाग में प्रो. घनश्याम दुबे, प्राणीशास्त्र विभाग में प्रो. एलवीकेएस भास्कर और अर्थशास्त्र विभाग में प्रो. दिलीप कुमार झा को विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धीरज शुक्ला का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए आगामी आदेश तक पद पर बने रहने का निर्देश दिया गया है।

इतिहास और प्राणीशास्त्र विभाग में भी बदलाव
विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्षों की नियुक्ति और चक्रानुक्रम से संबंधित अध्यादेश के प्रावधानों के तहत इतिहास विभाग की जिम्मेदारी प्रो. सीमा पाण्डेय से लेकर प्रो. घनश्याम दुबे को सौंपी गई है।
इसी तरह प्राणीशास्त्र विभाग में प्रो. सीमा राय की जगह प्रो. एलवीकेएस भास्कर को नया विभागाध्यक्ष बनाया गया है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इतिहास विभाग के HOD के रूप में प्रो. घनश्याम दुबे और प्राणीशास्त्र विभाग के HOD के रूप में प्रो. एलवीकेएस भास्कर के नाम दर्ज हैं।

अर्थशास्त्र विभाग की कमान प्रो. दिलीप कुमार झा को
इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा अर्थशास्त्र विभाग की नियुक्ति को लेकर है। यहां एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकुमार नागवंशी की जगह प्रोफेसर दिलीप कुमार झा को विभागाध्यक्ष बनाया गया है। बताया गया है कि प्रो. झा का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।
प्रो. दिलीप कुमार झा पूर्व में विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के समन्वयक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। कुछ महीने पहले वे निलंबित भी हुए थे और बाद में बहाल किए गए। अब उन्हें विभागाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपे जाने से विश्वविद्यालय के भीतर यह नियुक्ति चर्चा का विषय बन गई है।

NSS शिविर में नमाज पढ़ाने के आरोप से हुआ था विवाद
प्रो. झा का नाम इससे पहले विश्वविद्यालय के NSS शिविर से जुड़े विवाद में भी सामने आया था। आरोप लगा था कि शिविर के दौरान ईद के अवसर पर हिंदू विद्यार्थियों को भी नमाज पढ़ने की प्रक्रिया में शामिल कराया गया। शिविर से लौटने के बाद कुछ विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन और पुलिस से शिकायत की थी।
इस मामले को लेकर छात्र संगठनों और हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था तथा विश्वविद्यालय परिसर में घेराव भी किया गया था। विवाद बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने NSS से जुड़े कार्यक्रम अधिकारियों और समन्वयक की जिम्मेदारियों में बदलाव किया था। इसी घटनाक्रम के दौरान प्रो. झा को निलंबित किया गया था। बाद में उनकी बहाली हुई।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण में विद्यार्थियों की शिकायत और लगाए गए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी जांच या कार्रवाई के आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
आधिकारिक वेबसाइट पर भी नए HOD के नाम
विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट की HOD सूची में इतिहास विभाग के लिए प्रो. घनश्याम दुबे, प्राणीशास्त्र विभाग के लिए प्रो. एलवीकेएस भास्कर, अर्थशास्त्र विभाग के लिए प्रो. दिलीप कुमार झा और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के लिए डॉ. धीरज शुक्ला के नाम दर्ज हैं। इससे नई विभागीय जिम्मेदारियों की पुष्टि होती है।
तीन विभागों में हुए इस बदलाव के बाद विश्वविद्यालय के अकादमिक और प्रशासनिक हलकों में नियुक्तियों को लेकर चर्चा तेज है। खासकर अर्थशास्त्र विभाग में प्रो. झा की नियुक्ति को लेकर NSS विवाद का पुराना घटनाक्रम फिर चर्चा में आ गया है।









