तूफान से फसल बर्बादी पर CM साय का बड़ा निर्देश; कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल बुलाई बैठक; सर्वे टीम बढ़ाकर युद्धस्तर पर आकलन के निर्देश
बिलासपुर में बारिश और तूफान से फसल नुकसान का युद्ध स्तर पर सर्वे होगा। CM विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीम बढ़ाने और किसानों को राहत दिलाने के आदेश दिए।

बिलासपुर, 30 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से हुई बारिश और तूफान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल से लेकर कटाई के बाद खेत और खलिहान में रखी उपज तक को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए त्वरित सर्वे के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी के अधिकारियों की आकस्मिक बैठक लेकर नुकसान का आकलन युद्ध स्तर पर पूरा करने को कहा।
कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि बारिश और तूफान से धान सहित दूसरी फसलों को जहां भी नुकसान हुआ है, वहां वास्तविक क्षति का आकलन किया जाए। सर्वे में तेजी लाने के लिए टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) का अनुभव रखने वाले युवाओं को भी इस काम में लगाया जाएगा, ताकि प्रभावित गांवों तक जल्द पहुंचकर नुकसान का सही आकलन किया जा सके।

बीमा नहीं कराया तो भी किसानों को राहत का रास्ता
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बैठक में स्पष्ट किया कि राहत केवल फसल बीमा कराने वाले किसानों तक सीमित नहीं रहेगी। जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं कराया है, लेकिन उनकी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान पहुंचा है, उन्हें भी पात्रता के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के प्रावधानों के तहत सहायता दी जाएगी।
इसके लिए राजस्व विभाग को गैर-बीमित किसानों की फसल क्षति का सर्वे कर नियमानुसार राहत के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बीमित किसानों के मामलों में फसल बीमा कंपनी को सर्वे तेज कर दावों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है।

बिलासपुर के 47 हजार किसानों ने कराया है फसल बीमा
बैठक में बताया गया कि चालू खरीफ मौसम में जिले के लगभग 47 हजार किसानों ने एचडीएफसी एर्गो कंपनी के माध्यम से फसल बीमा कराया है। कलेक्टर ने कंपनी के अधिकारियों को सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाकर अगले कुछ दिनों में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कृषि और राजस्व विभाग के साथ बीमा कंपनी को आपसी समन्वय से काम करने को कहा है, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन समय पर हो और पात्र किसानों को राहत मिलने में अनावश्यक देरी न हो।

बीमित किसान 72 घंटे के भीतर यहां दें सूचना
सहायक संचालक कृषि शशांक शिंदे ने बताया कि पकने के बाद काटकर खेत या खलिहान में रखी धान की फसल को बारिश के पानी से नुकसान होने पर बीमित किसानों को नियमानुसार फसल बीमा का लाभ मिल सकता है। इसके लिए नुकसान की सूचना घटना के 72 घंटे के भीतर दर्ज कराना जरूरी है।
किसान इन माध्यमों से सूचना दे सकते हैं:
- टोल फ्री नंबर: 14447
- व्हाट्सएप नंबर: 7065514447
- अन्य माध्यम: अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी को सूचना दें।
उन्होंने बताया कि तेज बारिश और तूफान से खेत में खड़ी फसल के पौधे गिरने की स्थिति में फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त परिणामों के आधार पर नियमानुसार सहायता निर्धारित की जाएगी।
CM साय के निर्देश पर प्रशासन सक्रिय, कलेक्टर ने दिए तेजी से काम के आदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन प्राथमिकता से किया जाए। विपत्ति की इस घड़ी में किसानों का मनोबल बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन का प्रयास है कि पात्र किसानों को नियमानुसार राहत सहायता और फसल बीमा का लाभ जल्द मिल सके।
प्रशासन ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे नुकसान की सूचना समय पर दर्ज कराएं, ताकि सर्वे और सहायता की प्रक्रिया में देरी न हो।









