बिलासपुर में ASI के बेटे की गैंग का सनसनीखेज कारनामा: युवती को धमकाकर सवा करोड़ की ठगी, 450 ग्राम सोना और लाखों रुपये ऐंठे; 4 गिरफ्तार

बिलासपुर, 3 अगस्त 2026. बिलासपुर में एक एएसआई के बेटे और उसके साथियों की गुंडागर्दी को सनसनखेज मामला सामने आया है। जिसमें आयुष यादव नाम के बदमाश ने एक बुजुर्ग की पोती से दोस्ती कर डरा-धमकाकर सवा करोड़ रुपए ऐंठ लिए। जिसमें करीब 14.50 लाख रुपए कैश और 450 ग्राम सोने के जेवर शामिल हैं।
ASI का बेटा गैंग बनाकर कर रहा वारदातें
यह भी बताया जा रहा है कि आयुष यादव गैंग बनाकर वारदातें कर रहा है। उसके खिलाफ पुलिस में अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं। पुलिस पर आरोप है कि आरोपी का पिता पुलिस में ASI होने से कार्रवाई में हीला-हवाली हो रही है। पूरा मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। देर शाम पुलिस ने प्रेसनोट जारी कर मुख्य आरोपी आयुष यादव और उसके तीन साथियों की गिरफ्तार की जानकारी दी है।

6 साल की बच्ची को मारने की दी धमकी
बुजुर्ग ने बताया कि मुख्य आरोपी आयुष यादव और उसके साथियों ने पोती (बड़ी) को धमका कर एटीएम और फोन-पे के जरिए करीब 14 लाख 50 हजार रुपए लूट लिए और घर में रखे लगभग 450 ग्राम सोने के जेवरात भी बच्ची को डराकर ले लिए हैं। बुजुर्ग ने शिकायत में एक छह वर्षीय बच्ची (छोटी पोती) को चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
- आयुष यादव पिता धर्मेन्द्र यादव, उम्र 22 वर्ष, निवासी मोपका विवेकानंद नगर, थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर।
- आदर्श शर्मा पिता रमाकांत शर्मा, उम्र 19 वर्ष, निवासी दीनदयाल कॉलोनी बहतराई, थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर।
- प्रिंस साहू पिता नंदकिशोर साहू, उम्र 18 वर्ष 03 माह, निवासी दीनदयाल कॉलोनी बहतराई, थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर।
- आदित्य पांडे पिता हेम कुमार पांडे, उम्र 19 वर्ष, निवासी बजरंग चौक के पीछे, आर.के. नगर, थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर।
इनमें आयुष यादव का पिता धर्मेद्र यादव सीपत में ASI है।

जानें क्या है पुरा मामला ?
प्रार्थी देवी प्रसाद सिंह (निवासी राजीव बिहार, सरकंडा) ने थाना सरकंडा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि शारीरिक अस्वस्थता के कारण वे अपने घरेलू काम-काज, बैंक लेन-देन और लॉकर की चाबी अपनी नातिन को सौंपे हुए थे। जनवरी 2025 से आरोपी आयुष यादव और उसके साथियों उनकी पोती को उसके परिवार के अन्य सदस्यों तथा छोटे बच्चों को जान से मारने और एक्सीडेंट कराने की धमकी देकर डराया-धमकाया जा रहा था। आरोपियों ने भयभीत करके प्रार्थी और उनके परिजनों के बैंक खातों (SBI और सहकारी बैंक) से ATM एवं फोन-पे (PhonePe) के माध्यम से किश्तों में कुल 14 लाख 50 हजार रुपए कैश ऐंठ लिए। इसके अलावा आर.आर. रिसॉर्ट के पास बुलाकर घर के लॉकर में रखे लगभग 450 ग्राम वजनी सोने के आभूषण (हार, चेन, अंगूठी, झुमके, टीका आदि) भी हड़प लिए हैं।
आरोपियों से कुछ कैश और जेवर बरामद
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। साथ आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपए कैश, 2 नग सोने जैसे पिले धातु की अंगूठी एवं 1 चैन, मोबाइल तथा अपराध के पैसे से खरीदी गई एक्टीवा गाड़ी को जब्त किया गया।

आरोपियों की रिमांड
मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर लिया जा रहा है। मामले के अन्य फरार आरोपियों (प्रियम शर्मा, शौर्य करोलिया ) की तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने इन्हें भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है।
कार्रवाई में इनकी भूमिका
मामले में सरकंडा पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना में लिया गया एवं सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में सरकंडा पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई की गई। और 4 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।









