रायपुर-बिलासपुर सफर होगा आसान: सिमगा से बिलासपुर तक बनेगा सिक्सलेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर, 75 मिनट में तय होगी दूरी
बिलासपुर, 12 मई 2026. National Highways Authority of India (NHAI) ने रायपुर से बिलासपुर के बीच सफर को तेज और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सिमगा से बिलासपुर तक करीब 78 किलोमीटर लंबे मार्ग को सिक्सलेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर में बदले जाने की तैयारी तेज कर दी गई है। परियोजना का प्रारंभिक सर्वे पूरा हो चुका है और अगले चार महीनों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार किए जाने की संभावना है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल रायपुर और बिलासपुर के बीच यातायात दबाव को कम करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को विशाखापट्टनम-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर से मजबूत कनेक्टिविटी भी देगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों और समुद्री बंदरगाहों तक माल परिवहन अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगा।

105 मिनट का सफर घटकर होगा 75 मिनट
वर्तमान में सिमगा से बिलासपुर तक 78 किलोमीटर की दूरी भारी ट्रैफिक और मालवाहक वाहनों के दबाव के कारण करीब 105 से 120 मिनट में पूरी होती है। लेकिन सिक्सलेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनने के बाद वाहनों की औसत गति में लगभग 40 प्रतिशत तक वृद्धि होने का अनुमान है। इसके बाद यही सफर करीब 75 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार हाईवे को 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड के अनुसार विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी।

दो चरणों में बनेगी सड़क
परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा—
- पहले चरण में सिमगा से सरगांव तक 42.45 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा।
- दूसरे चरण में सरगांव से बिलासपुर तक 35.50 किलोमीटर सड़क विकसित की जाएगी।
रायपुर से सिमगा तक पहले ही सिक्सलेन सड़क तैयार हो चुकी है, जबकि सिमगा से बिलासपुर तक वर्तमान में फोरलेन मार्ग संचालित है। बढ़ते ट्रैफिक और औद्योगिक परिवहन को देखते हुए इस हिस्से को अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है।

उद्योग और व्यापार को मिलेगा बड़ा फायदा
यह परियोजना आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देने वाली मानी जा रही है। रायगढ़, कोरबा और सीपत जैसे ऊर्जा क्षेत्रों से निकलने वाला कोयला और फ्लाई ऐश इसी मार्ग से दुर्ग-भिलाई सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचता है। सड़क चौड़ी होने से माल परिवहन की गति बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने की संभावना है।
विशाखापट्टनम पोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के बाद आयात-निर्यात गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही सिमगा और सरगांव क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस और नई आवासीय कॉलोनियों के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
NHAI बिलासपुर के परियोजना निदेशक Mukesh Kumar Parniha ने बताया कि सिमगा से बिलासपुर सिक्सलेन परियोजना के लिए सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और DPR तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। अगले चार महीनों में रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है।









