शिक्षक की शराब तस्करी गैंग: अर्टिगा कार से 160 पाव शराब जब्त, संकुल समन्वयक शिक्षक समेत 7 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर 19 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुल्लू शासकीय शराब दुकान से जुड़ी अवैध शराब की तस्करी का खुलासा करते हुए आरंग पुलिस ने एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध देशी मसाला शराब बरामद की है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने स्कूल के एक संकुल समन्वयक शिक्षक सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग ने भी सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को मिली बड़ी सफलता प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते रविवार की रात आरंग थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि ग्राम गुल्लू स्थित शासकीय शराब भट्टी से भारी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी कर एक वाहन को ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रानीसागर हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर संदिग्ध अर्टिगा कार (क्रमांक CG 04 QB 5200) को रोक लिया।

8 लाख की कार और शराब जब्त पुलिस ने जब कार की तलाशी ली, तो उसमें से कुल 160 पाव (जो कि लगभग 28.800 बल्क लीटर है) देशी मसाला शराब बरामद की गई। जब्त की गई शराब की कुल कीमत 16,000 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने अवैध शराब परिवहन में इस्तेमाल की जा रही 8 लाख रुपये मूल्य की अर्टिगा कार और शराब सहित कुल 8,16,000 रुपये की संपत्ति जब्त की है।
शराब दुकान के कर्मचारी और शिक्षक शामिल इस अवैध तस्करी के मामले में पुलिस ने संलिप्तता पाए जाने पर कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में गुल्लू शराब दुकान के सुपरवाइजर उबारन दास पुरैना, सेल्समैन राजेश काटले, मल्टी-वर्कर सुरेश बांधे, वाहन चालक भरत रात्रे, दिलीप कुमार कुर्रे, भागवत बारले और अमोदी प्राथमिक शाला में पदस्थ सहायक शिक्षक सह संकुल समन्वयक तीरित राम बांधे शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत गैर-जमानती धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।

जिला शिक्षा अधिकारी ने की निलंबन की कार्रवाई आरोपी शिक्षक तीरित राम बांधे के 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के कारण रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जी. सतीश कुमार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कड़ा कदम उठाया है। डीईओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षक का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन और गंभीर नैतिक पतन की श्रेणी में आता है।
चूंकि आरोपी शिक्षक 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस/न्यायिक हिरासत में रहे, इसलिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(2) (क) के प्रावधानों के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) तिल्दा, जिला रायपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। इस कार्रवाई से शिक्षा जगत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।










