सनी देओल की ‘सूर्या’ पर छत्तीसगढ़ में बवाल! डॉक्टरों ने उठाई बैन की मांग, NMC को भेजा कानूनी नोटिस
फिल्म के टीजर और प्रमोशनल कंटेंट में डॉक्टरों के चित्रण पर आपत्ति; मेडिकल सेक्टर को भ्रष्ट दिखाने और चिकित्सकों के खिलाफ हिंसक दृश्य दिखाने का आरोप, कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएगी छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी

रायपुर। बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ रिलीज से पहले विवादों में घिर गई है। फिल्म के टीजर और प्रचार सामग्री में डॉक्टरों के कथित चित्रण को लेकर छत्तीसगढ़ में विरोध शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने फिल्म के कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के चेयरमैन डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ और सचिव डॉ. राघव लैंगर को कानूनी नोटिस भेजा है। संगठन ने आपत्तिजनक दृश्यों और प्रमोशनल कंटेंट पर कार्रवाई की मांग की है।
फिल्म 20 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इससे पहले ही इसके कंटेंट को लेकर डॉक्टरों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े संगठनों की नाराजगी सामने आने लगी है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी का कहना है कि फिल्म में डॉक्टरों और पूरे मेडिकल सेक्टर को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, उससे समाज में चिकित्सकों के प्रति नकारात्मक धारणा बन सकती है।

डॉक्टरों को भ्रष्ट और अनैतिक दिखाने का आरोप
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी की ओर से भेजे गए नोटिस में फिल्म के कुछ दृश्यों और संवादों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का आरोप है कि फिल्म में पूरे चिकित्सा क्षेत्र को भ्रष्ट और अनैतिक दिखाने की कोशिश की गई है।
नोटिस के मुताबिक, फिल्म के प्रमोशनल कंटेंट में डॉक्टरों के खिलाफ अभद्र भाषा, गाली-गलौज और उन्हें गोली मारने जैसे दृश्य दिखाए गए हैं। सोसायटी का मानना है कि ऐसे दृश्य पहले से ही डॉक्टरों के साथ मारपीट और हिंसा की घटनाओं के बीच गलत संदेश दे सकते हैं। इससे चिकित्सकों की सुरक्षा और डॉक्टर-मरीज के भरोसे पर भी असर पड़ने की आशंका है।

NMC से डॉक्टरों की सुरक्षा पर सख्त एडवाइजरी जारी करने की मांग
सोसायटी ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से कहा है कि डॉक्टरों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को सख्त एडवाइजरी जारी की जाए। संगठन का आरोप है कि चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर आयोग की ओर से अपेक्षित प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
इसके साथ ही फिल्म के जिन दृश्यों और प्रचार सामग्री पर आपत्ति जताई गई है, उनकी समीक्षा कर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से उचित कार्रवाई कराने की मांग की गई है।

कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट में दायर होगी याचिका
डॉ. कुलदीप सोलंकी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि आयोग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी न्यायालय का रुख करेगी। संगठन ने जरूरत पड़ने पर जनहित याचिका (PIL) दायर करने की बात कही है। सोसायटी ने NMC के चेयरमैन और सचिव से नोटिस पर जवाब देने तथा इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है।
20 नवंबर को रिलीज होनी है फिल्म
सनी देओल अभिनीत ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ एक आगामी हिंदी फिल्म है, जो 20 नवंबर को रिलीज होने वाली है। फिल्म के टीजर और प्रचार सामग्री को लेकर केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी चिकित्सा संगठनों ने आपत्ति जताई है।
फिलहाल छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी की ओर से भेजे गए नोटिस पर NMC और फिल्म निर्माताओं की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग जरूर उठी है, लेकिन अभी छत्तीसगढ़ में फिल्म पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है।












