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बस्तर के 461 पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंचेगी बिजली: सीएम विष्णुदेव साय ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम से मांगी ₹435 करोड़ की विशेष मदद

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश की राजधानी नई दिल्ली में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान सीएम साय ने बस्तर संभाग के 7 जिलों के 461 दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों तक ग्रिड बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार से 435 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव सौंपते हुए कहा कि जिन गांवों में सालों तक नक्सल हिंसा के कारण विकास नहीं पहुंच सका था, वहां अब बिजली जैसी बुनियादी सुविधा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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973 करोड़ की बड़ी परियोजना: 3 साल में मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग के इन गांवों को रोशन करने की इस पूरी परियोजना की कुल लागत 973 करोड़ रुपये है। इसमें से केंद्र सरकार से तीन वित्तीय वर्षों (2026 से 2029) में कुल 435 करोड़ रुपये की सहायता मांगी गई है, जबकि शेष राशि छत्तीसगढ़ सरकार खुद वहन करेगी। केंद्र से अपेक्षित राशि का शेड्यूल इस प्रकार है:

सीएम साय ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत इस प्रस्ताव को एक विशेष प्रकरण (Special Case) मानते हुए जल्द से जल्द मंजूरी दी जाए, ताकि बस्तर के वनांचल क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

बिजली आने से बदलेगी आदिवासियों की जिंदगी

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन सुदूर गांवों में बिजली पहुंचने से आदिवासी परिवारों के जीवन स्तर में बड़ा क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इससे बस्तर के अंदरूनी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा, “बस्तर अब भय और नक्सलवाद से निकलकर विकास, विश्वास और नई संभावनाओं की पहचान बन रहा है। इन 461 गांवों का विद्युतीकरण इस बदलाव की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।”

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का बड़ा भरोसा: “फंड की कमी नहीं होने देंगे”

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस प्रस्ताव पर बेहद सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ के तहत इस प्रस्ताव पर तत्काल स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि बस्तर जैसे जनजातीय और संवेदनशील क्षेत्रों के विकास के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और मोदी सरकार छत्तीसगढ़ को पूरा सहयोग देगी।

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