BJP के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल गिरफ्तार, 300 करोड़ के कथित घोटाले में 13 महीने से था फरार

भिलाई, 28 अक्टूबर 2026। कारोबार के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में भिलाई जिला भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल को कोलकाता पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया है। करीब 13 महीने से फरार चल रहे संदीप की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह कथित तौर पर झारखंड के एक थाने में आत्मसमर्पण करने पहुंचा था। पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और थाने के बाहर ही उसे पकड़ लिया। अदालत में पेशी के बाद उसे 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
संदीप अग्रवाल पर कारोबार की आड़ में 300 करोड़ रुपये से अधिक की रकम के कथित गबन का आरोप है। गुजरात, पश्चिम बंगाल और झारखंड में कारोबार के नाम पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित धोखाधड़ी को लेकर उसके खिलाफ मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में उसके परिजनों और अन्य सहयोगियों के नाम भी सामने आए हैं। आरोपी की तलाश में पुलिस कई राज्यों में दबिश दे रही थी।

13 महीने तक पुलिस को देता रहा चकमा, झारखंड में गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, संदीप अग्रवाल लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें अहमदाबाद, गांधीधाम, भुवनेश्वर, रायपुर, भिलाई और कोलकाता समेत कई शहरों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। करीब 13 महीने तक तलाश के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन झारखंड में मिली।
बताया जा रहा है कि संदीप एक थाने में सरेंडर करने पहुंचा था। इसी दौरान कोलकाता पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली और थाने के बाहर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उसे 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

भाई संजय और सचिन के नाम भी मामले में
इस मामले में संदीप अग्रवाल के दोनों बड़े भाई संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल के नाम भी आरोपी के तौर पर सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों के खिलाफ पहले लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। दोनों करीब 13 महीने तक गांधीधाम और धनबाद की जेलों में बंद रहे थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके रिहा होने की जानकारी सामने आई है।
वहीं, संजय अग्रवाल की पत्नी राखी का नाम भी मामले में सह-अभियुक्त के रूप में बताया गया है। वह धनबाद जेल में करीब दो महीने रहने के बाद जमानत पर बाहर आई थीं। मामले में सभी आरोपों की अंतिम स्थिति संबंधित अदालतों में चल रही कार्यवाही और जांच के रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।

राजनीतिक रसूख के इस्तेमाल का भी आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संदीप अग्रवाल भिलाई में खुद को भाजपा नेता बताकर प्रभाव जमाता था और कथित तौर पर कार्रवाई से बचने के लिए राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करता था। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ताओं के दावों पर आधारित हैं।
बताया गया है कि गुजरात के डीसीबी थाने से जुड़े एक मामले में संदीप पहले से जमानत पर था और संबंधित मामले में पुलिस अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा झारखंड पुलिस ने भी अदालत के आदेश पर उसके आवास पर नोटिस चस्पा किया था।
गुजरात में भी दर्ज है मामला
जानकारी के मुताबिक, गुजरात के डीसीबी थाने से जुड़े एक मामले में संदीप अग्रवाल पहले से जमानत पर था। संबंधित मामले में पुलिस की ओर से अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा झारखंड पुलिस ने अदालत के आदेश पर उसके आवास पर नोटिस चस्पा किया था।









