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CG पूर्व CEO समेत 9 पर FIR; छत्तीसगढ़ में 1.32 करोड़ का DMF घोटाला! पुलिस ने मामला दर्ज किया

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अंबिकापुर के शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय, केशवपुर से जुड़े इस मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने तत्कालीन जनपद पंचायत CEO समेत 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि निर्माण कार्य कराए बिना फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 48 लाख 36 हजार 544 रुपये का भुगतान कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले में अंबिकापुर निवासी अभय नारायण पाण्डेय ने अदालत में परिवाद दायर किया था। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के आदेश पर थाना मणिपुर में अपराध दर्ज किया गया।

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परिवाद में उल्लेखित तथ्यों के अनुसार, कॉलेज परिसर में DMF मद से तीन निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। इनमें गार्डन सौंदर्यीकरण और सीसी रोड निर्माण के लिए 33 लाख 24 हजार रुपये, प्रधान पाठक कक्ष, प्रसाधन एवं आहाता निर्माण के लिए 49 लाख 57 हजार रुपये और प्रवेश द्वार तथा पार्किंग शेड निर्माण के लिए 49 लाख 52 हजार रुपये शामिल थे।

फर्जी ID और दस्तावेजों से भुगतान का आरोप

आरोप है कि जेम (GeM) पोर्टल पर फर्जी आईडी बनाकर, आवश्यक प्रशासकीय स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना फर्जी बिल-वाउचर तथा मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार किए गए। इसके आधार पर 1 अगस्त 2023 को मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन के खाते में RTGS के जरिए 48 लाख 36 हजार 544 रुपये का भुगतान किया गया।

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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भुगतान की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं बरती गईं और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

जांच में मौके पर नहीं मिला निर्माण कार्य

मामले में एक अहम तथ्य कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच दल ने 7 अक्टूबर 2024 को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। आरोप है कि संबंधित निर्माण कार्य मौके पर नहीं मिले। जांच में सामने आई कथित गड़बड़ियों के आधार पर मामले में कार्रवाई की मांग की गई।

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इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के अनुपालन में मणिपुर पुलिस ने अब FIR दर्ज की है।

पूर्व CEO समेत 9 के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने तत्कालीन जनपद पंचायत अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेश्वर नाथ तिवारी सहित विवेक प्रताप सिंह राठौर, उपेन्द्र सिंह सेंगर, शैलेन्द्र मिश्रा, राम प्रकाश यादव, इम्तियाज सिंह, सुयश अग्रवाल, अरविंद कुमार अग्रवाल और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टर एंड सप्लायर्स के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

FIR में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201, 120-B और 34 के तहत कार्रवाई की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोगों ने कथित आपराधिक साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी राशि का गबन किया और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें

DMF की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाती है। ऐसे में कॉलेज परिसर में प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के भुगतान को लेकर उठे सवाल गंभीर हैं। अब पुलिस जांच में भुगतान की प्रक्रिया, दस्तावेजों की सत्यता, संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की भूमिका तथा राशि के वास्तविक उपयोग की पड़ताल की जाएगी।

 

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