LIVE UPDATE
Trending

CBSE का बड़ा फैसला: अब तीसरी क्लास से पढ़ाई जाएगी AI और Computational Thinking, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से होगी शुरुआत…

डेस्क टीम। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 3 से ही छात्रों को Computational Thinking (CT) और Artificial Intelligence (AI) की पढ़ाई कराई जाएगी। इस कदम को देश की शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल युग के अनुरूप एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में शुरुआती स्तर से ही तार्किक सोच (Logical Thinking), समस्या समाधान (Problem Solving) और तकनीकी समझ विकसित करना है। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी मोबाइल कनेक्टिविटी, CM साय ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से की 2,305 टावरों की मांग
छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी मोबाइल कनेक्टिविटी, CM साय ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से की 2,305 टावरों की मांग
July 31, 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.


क्या होगा नया बदलाव?

नई व्यवस्था के तहत CBSE ने पढ़ाई का तरीका भी पूरी तरह बदलने की योजना बनाई है—

  • कक्षा 3 से 5 तक:
    AI और Computational Thinking को अलग विषय के रूप में नहीं पढ़ाया जाएगा, बल्कि इसे गणित, विज्ञान और अन्य विषयों के साथ जोड़कर एकीकृत (Integrated) तरीके से सिखाया जाएगा
    बच्चों को खेल, पहेली, कहानी और गतिविधियों के माध्यम से सिखाया जाएगा।
  • कक्षा 6 से 8 तक:
    छात्रों को AI के बेसिक कॉन्सेप्ट, डेटा की समझ, एल्गोरिदम और लॉजिकल एनालिसिस की जानकारी दी जाएगी।
    इस स्तर पर बच्चे छोटे-छोटे प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल गतिविधियों के जरिए सीखेंगे।
  • आगे की कक्षाओं (9-10):
    भविष्य में AI को एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

नई शिक्षा नीति से जुड़ा कदम

यह पूरा बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है। इन नीतियों का फोकस छात्रों को रटने की बजाय समझ आधारित और कौशल आधारित शिक्षा देना है।

ये खबर भी पढ़ें…
5 लाख मीट्रिक टन चावल के शीघ्र उठाव की पहल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्री से मांगे 250 रेलवे रैक प्रतिमाह
5 लाख मीट्रिक टन चावल के शीघ्र उठाव की पहल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्री से मांगे 250 रेलवे रैक प्रतिमाह
August 1, 2026
नई दिल्ली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.


कैसे होगी पढ़ाई?

CBSE के अनुसार शुरुआती कक्षाओं में पढ़ाई को पूरी तरह Activity-based और Fun Learning बनाया जाएगा—

  • डिजिटल डिवाइस पर निर्भरता कम रखी जाएगी
  • बच्चों को गेम्स, पजल और ग्रुप एक्टिविटी के जरिए सिखाया जाएगा
  • असली जीवन की समस्याओं से जोड़कर कॉन्सेप्ट समझाए जाएंगे

इससे बच्चों में कम उम्र में ही क्रिएटिविटी और इनोवेशन की सोच विकसित होगी।

ये खबर भी पढ़ें…
कश्‍मीर में पहलगाम जैसा हमला! कुलगाम में आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, छत्तीसगढ़ के 2 मजदूरों की मौत
कश्‍मीर में पहलगाम जैसा हमला! कुलगाम में आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, छत्तीसगढ़ के 2 मजदूरों की मौत
August 1, 2026
 जम्मू-कश्मीर में एक बार फ‍िर आतंकी हमला हुआ है. इस बार भी हमला पहलगाम हमले की तरह ही किया गया...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.


क्या होगा फायदा?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से छात्रों को कई फायदे होंगे—

  • भविष्य की टेक्नोलॉजी जैसे AI, डेटा साइंस के लिए मजबूत नींव
  • लॉजिकल और क्रिटिकल थिंकिंग में सुधार
  • नई स्किल्स के कारण रोजगार के बेहतर अवसर
  • ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता

चुनौतियां भी कम नहीं

हालांकि इस बदलाव के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं—

  • शिक्षकों को नई तकनीकों में ट्रेनिंग देना
  • सभी स्कूलों में समान संसाधन उपलब्ध कराना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल गैप को कम करना

CBSE इन चुनौतियों से निपटने के लिए टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम और नए स्टडी मैटेरियल तैयार कर रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *