मिशन अमृत 2.0 का बड़ा फैसला: चार शहरों के तालाबों के कायाकल्प पर 22.18 करोड़, अरुण साव ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर, 11 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों में जल संरक्षण को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मिशन अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के चार शहरों में तालाबों के पुनर्जीवन और जीर्णोद्धार के लिए 22 करोड़ 18 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इस राशि से बेमेतरा, जशपुरनगर, डोंगरगढ़ और कांकेर के पारंपरिक जल स्रोतों को नया जीवन देने के साथ भूजल संवर्धन को भी मजबूती दी जाएगी।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने इन परियोजनाओं के लिए स्वीकृति जारी की है। सरकार का फोकस शहरों को सिर्फ साफ-सुथरा बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित कर उन्हें भविष्य की जल सुरक्षा से जोड़ने पर भी है। मिशन अमृत 2.0 के Water Body Rejuvenation घटक के तहत इन चार परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

चार शहर, चार बड़े तालाब—कहां कितना पैसा?
स्वीकृत राशि के तहत चारों निकायों में अलग-अलग तालाबों के पुनर्जीवन का काम किया जाएगा।
- जशपुरनगर नगर पालिका: वार्ड क्रमांक-9 स्थित सती तालाब के लिए 4.17 करोड़ रुपये
- कांकेर नगर पालिका: वार्ड क्रमांक-19 अघननगर स्थित दुधावा तालाब के लिए 5.04 करोड़ रुपये
- अहिवारा नगर पालिका: छटवा तालाब के लिए 9.60 करोड़ रुपये
- डोंगरगढ़ नगर पालिका: सिंघोला बांधा तालाब के लिए 3.38 करोड़ रुपये
यानी सबसे बड़ा प्रोजेक्ट अहिवारा के छटवा तालाब का है, जिसके पुनर्जीवन पर 9.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पांच साल तक रखरखाव की भी व्यवस्था
इन परियोजनाओं की खास बात यह है कि स्वीकृत राशि में केवल निर्माण या जीर्णोद्धार ही शामिल नहीं है, बल्कि पांच वर्षों के संचालन एवं संधारण (O&M) का प्रावधान भी रखा गया है। इससे तालाबों के पुनर्जीवन के बाद उनके रखरखाव और उपयोगिता को लंबे समय तक बनाए रखने की योजना है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी भारत सरकार द्वारा नियुक्त थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मॉनिटरिंग एजेंसी (IRMA) करेगी।

अरुण साव ने साफ कहा- गुणवत्ता से समझौता नहीं
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने चारों निकायों को परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से









