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छत्तीसगढ़ में बिजली बिल के लेट पेमेंट सरचार्ज का नया सिस्टम लागू, अब 1 दिन की देरी पर नहीं लगेगा पूरे महीने का जुर्माना; जानिए गणित

रायपुर, 29 जून 2026. छत्तीसगढ़ के करीब 66 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने नए टैरिफ आदेश में बिजली बिल जमा करने में देरी पर लगने वाले लेट पेमेंट सरचार्ज (LPS) के नियमों को पूरी तरह बदल दिया है। 1 जुलाई से लागू होने जा रही इस नई व्यवस्था से उन उपभोक्ताओं को सबसे बड़ी राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश तय तारीख (Due Date) से महज एक या दो दिन बाद बिल जमा कर पाते थे।

आइए विस्तार से समझते हैं कि बिजली बिल का यह नया सिस्टम क्या है, पुराना नियम क्या था और पुराने नियम से उपभोक्ताओं को कैसे भारी नुकसान उठाना पड़ता था।

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क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों होता था उपभोक्ताओं को नुकसान?

अब तक लागू पुरानी व्यवस्था के तहत, यदि कोई उपभोक्ता तय तारीख (Due Date) के बाद अपने बिजली बिल का भुगतान करता था, तो बिजली कंपनी (CSPDCL) सीधे 1.5% प्रति माह की दर से लेट पेमेंट सरचार्ज वसूलती थी।

नुकसान का गणित: पुरानी व्यवस्था में सबसे बड़ी खामी यह थी कि इसमें दिनों की गणना नहीं होती थी। उदाहरण के लिए, अगर आपके बिल भुगतान की आखिरी तारीख 10 तारीख थी और आपने किसी कारणवश 11 या 12 तारीख (यानी सिर्फ 1 या 2 दिन की देरी) को बिल पटाया, तब भी बिजली कंपनी आपसे पूरे 30 दिन यानी पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज वसूल लेती थी। महज कुछ घंटों या दिनों की देरी के लिए भी पूरे महीने का जुर्माना देना उपभोक्ताओं के साथ सरासर नाइंसाफी थी और इससे उनकी जेब पर सीधा नुकसान होता था।

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अब क्या है नया नियम? (पर-डे काउंटिंग सिस्टम)

1 जुलाई से लागू होने वाले नए नियम के मुताबिक, अब छत्तीसगढ़ में पहली बार प्रतिदिन (Daily Basis) के हिसाब से लेट पेमेंट सरचार्ज की गणना की जाएगी।

  • अब नया लेट पेमेंट सरचार्ज 0.04% प्रतिदिन तय किया गया है।

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  • इसका मतलब है कि उपभोक्ता बिल पटाने में जितने दिन की देरी करेगा, उसे सिर्फ उतने ही दिनों का जुर्माना देना होगा, पूरे महीने का नहीं।

उदाहरण से समझिए नए और पुराने सिस्टम का अंतर:

मान लीजिए आपका बिजली बिल ₹5,000 आया है और आप तय तारीख से 5 दिन लेट हो गए हैं:

  1. पुराने सिस्टम के अनुसार: 5 दिन लेट होने पर भी पूरे महीने का 1.5% जुर्माना लगता था। यानी ₹5,000 का 1.5% = ₹75 जुर्माना देना पड़ता था।

  2. नए सिस्टम के अनुसार: अब सिर्फ 5 दिनों का ही जुर्माना लगेगा (0.04% × 5 दिन = 0.20%)। यानी ₹5,000 का 0.20% = मात्र ₹10 जुर्माना देना होगा। (सीधे ₹65 की बचत!)

पावर कंपनी के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन भी बिल लेट करता है, तब भी नए नियम (0.04% × 30 = 1.2%) के हिसाब से कुल अधिभार 1.2 प्रतिशत ही बनेगा, जो पुराने नियम (1.5%) से काफी कम है। यानी हर हाल में दरें कम की गई हैं।

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