चित्रकोट से सिरपुर तक बदलेगी छत्तीसगढ़ की तस्वीर! 2028 तक ग्लोबल टूरिज्म मैप पर चमकेगा CG, सरकार का मेगा प्लान
500 करोड़ निवेश का लक्ष्य, 18 पर्यटन संपत्तियों में निजी भागीदारी; सिरपुर को UNESCO की दौड़ में आगे बढ़ाने और चित्रकोट को वर्ल्ड-क्लास डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी

रायपुर, 25 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ अब सिर्फ अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए नहीं, बल्कि ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी में है। चित्रकोट के जलप्रपात से लेकर सिरपुर की हजारों साल पुरानी विरासत, बस्तर की जनजातीय संस्कृति से लेकर धार्मिक पर्यटन तक—सरकार ने प्रदेश के पर्यटन को राष्ट्रीय सीमाओं से बाहर ले जाने का बड़ा रोडमैप तैयार किया है।
पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में सरकार की आगामी रणनीति का खाका पेश करते हुए कहा कि 2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान देश-दुनिया के सामने स्थापित करना लक्ष्य है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर ब्रांडिंग, फिल्म और ओटीटी के जरिए प्रचार, इंटरनेशनल मीडिया आउटरीच और विदेशी पर्यटकों के लिए इंफ्लुएंसर फैम टूर जैसे कदम प्रस्तावित हैं।

सरकार की योजना सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे निजी निवेश, स्थानीय रोजगार, होमस्टे, जनजातीय संस्कृति, फिल्म पर्यटन और धार्मिक पर्यटन को एक साथ जोड़कर पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था खड़ी करने की रणनीति नजर आ रही है।
चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने, सिरपुर को UNESCO की विश्व धरोहर सूची की दिशा में आगे बढ़ाने और 18 पर्यटन संपत्तियों को निजी भागीदारी से विकसित करने की योजना इसी बड़े विजन का हिस्सा है।










