CG: 20 हजार की डिमांड, 15 हजार में सौदा; जानिए किस बात के लिए हेड कांस्टेबल मांग रहा था 20 हजार की घूस, ऐसे हुआ अरेस्ट

बेमेतरा, 27 जून 2026। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को एसीबी की टीम ने बेमेतरा जिले के थान खम्हरिया थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक अजय लहरे को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी एक ग्रामीण को धारा 151 के तहत जेल भेजने का डर दिखाकर मामले को रफा-दफा करने के एवज में मोटी रकम की मांग कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद से पूरे पुलिस महकमे और खम्हरिया थाना परिसर में हड़कंप मच गया है।
मामला क्या है? (धारा 151 का डर दिखाकर मांगी रिश्वत)
मिली जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा जिले के ग्राम खैरझिटीकला निवासी दुर्गेश पटेल का गांव में ही पेड़ कटाई को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद हो गया था। इस मामले की जांच थान खम्हरिया थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक अजय लहरे कर रहा था।

आरोप है कि अजय लहरे ने दुर्गेश पटेल को विवाद के मामले में धारा 151 (शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तारी) के तहत कड़ी कार्रवाई करने और जेल भेजने की धमकी दी। कार्रवाई से बचाने और मामले को दबाने के लिए प्रधान आरक्षक ने पीड़ित से 20 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित द्वारा असमर्थता जताने और काफी मिन्नतें करने के बाद सौदा 15 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद भी पुलिसकर्मी लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था।
ACB ने बिछाया जाल, केमिकल लगे नोटों के साथ दबोचा
रिश्वतखोर पुलिसकर्मी की प्रताड़ना से तंग आकर दुर्गेश पटेल ने इसकी शिकायत रायपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के कार्यालय में की। ACB के अधिकारियों ने शिकायत की सत्यता की जांच की, जो बिल्कुल सही पाई गई। शिकायत सही मिलते ही ACB की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। शुक्रवार को योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता दुर्गेश पटेल केमिकल लगे 15 हजार रुपये लेकर थान खम्हरिया थाना पहुंचा। जैसे ही दुर्गेश ने रिश्वत की रकम प्रधान आरक्षक अजय लहरे को सौंपी, वैसे ही घात लगाकर बैठी ACB की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने आरोपी के हाथ धुलवाए, तो केमिकल के कारण उसके हाथ गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।

थाना परिसर में मचा हड़कंप, बाहरी लोगों की एंट्री बंद
ACB की इस औचक कार्रवाई से खम्हरिया थाने में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। टीम ने तुरंत पूरे थाना परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया।कार्रवाई के दौरान एहतियात के तौर पर थाने के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया और बाहरी लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। टीम ने केस से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों, रोजनामचा सान्हा और अन्य साक्ष्यों को तुरंत जब्त कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB के अधिकारियों ने आरोपी प्रधान आरक्षक अजय लहरे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की कार्रवाई के लिए भी उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।

बड़ी कड़ियों की तलाश में जुटी ACB
सूत्रों के मुताबिक, ACB अब इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि क्या रिश्वतखोरी के इस खेल में थाने का कोई अन्य स्टाफ, आरक्षक या बड़ा अधिकारी भी शामिल था? आरोपी प्रधान आरक्षक से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से ACB जिस तरह बैक-टू-बैक कार्रवाइयां कर रही है, उसने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। पुलिस विभाग के भीतर हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।









