Mahadev App Case: सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, 13 FIR की जांच कर रही CBI, कल स्पेशल कोर्ट में पेशी
ओमान से भारत लाए जाने के बाद सीबीआई टीम आरोपी को लेकर रायपुर पहुंची। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी थी। अब रायपुर की विशेष अदालत में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

रायपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले में आरोपी और कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद रायपुर पहुंचाया गया है। सीबीआई की टीम उसे दिल्ली से लेकर रायपुर आई। अब 4 नवंबर को उसकी रायपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेशी प्रस्तावित है। इस पेशी पर यह स्पष्ट होगा कि अदालत आगे उसकी हिरासत और जांच से जुड़े मामलों में क्या आदेश देती है।
सौरभ चंद्राकर को 1 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किए जाने के बाद 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। सीबीआई ने उसे रायपुर ले जाने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगी थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने सीबीआई की अर्जी स्वीकार करते हुए उसे 4 नवंबर या उससे पहले रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान सौरभ के वकील ने गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष की दलील थी कि ओमान की अदालत ने प्रत्यर्पण की मंजूरी ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आधार पर दी थी, जबकि सीबीआई का मामला अलग है। इसलिए सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी और कार्रवाई पर कानूनी आपत्ति जताई गई।
सीबीआई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी था और एजेंसी उसे अदालत के सामने पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांग रही है।

दिल्ली की अदालत ने प्रत्यर्पण की शर्तों और सीबीआई मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति से जुड़े अंतिम सवालों पर फैसला रायपुर की विशेष अदालत के लिए छोड़ दिया। यानी अब यह कानूनी विवाद रायपुर में सुनवाई का अहम विषय बन सकता है।
CBI और ED दोनों के शिकंजे में महादेव एप का मामला
महादेव ऑनलाइन बुक एप से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय अलग-अलग कानूनी पहलुओं से कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से संबंधित 13 एफआईआर जांच के लिए सीबीआई को सौंपी थीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सीबीआई के दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। वहीं ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है।

2022 की एफआईआर से जुड़ी है जांच की अहम कड़ी
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों ने महादेव बुक एप को प्रमोट किया और कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। इस नेटवर्क में अलग-अलग पैनल और शाखाओं के जरिए लोगों को सट्टा लगाने के लिए जोड़ा जाता था।
सीबीआई का आरोप है कि सट्टेबाजी से हासिल रकम कई बैंक खातों के माध्यम से घुमाई जाती थी और फिर विदेशों तक पहुंचाई जाती थी। जांच में कथित तौर पर म्यूल बैंक खातों, कई स्तरों पर लेन-देन और हवाला चैनलों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि नेटवर्क को बिना बाधा चलाने के लिए कुछ लोकसेवकों को संरक्षण राशि दी गई। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होगा।
अब रायपुर कोर्ट में इन सवालों पर रहेगी नजर
4 नवंबर की पेशी में सबसे अहम सवाल यह होगा कि रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत प्रत्यर्पण की शर्तों और सीबीआई मामले में आगे की कार्रवाई पर क्या रुख अपनाती है। इसके साथ ही सीबीआई की ओर से पूछताछ के लिए रिमांड मांगे जाने की संभावना पर भी नजर रहेगी।
सौरभ चंद्राकर की वापसी से महादेव एप मामले की जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। जांच एजेंसियों के सामने कथित सट्टा नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन, विदेशों में मौजूद संपत्तियों और संरक्षण राशि से जुड़े आरोपों की कड़ियों को स्पष्ट करने की चुनौती है।







