12 नवंबर से देशभर में ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, बिलासपुर में भी तैयारियां

बिलासपुर। देशभर में वाहन चालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। ऑल इंडिया ड्राइवर ज्वाइंट कमेटी एवं छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के आह्वान पर होने वाले इस आंदोलन में करीब 24 करोड़ वाहन चालकों के शामिल होने का दावा किया गया है। छत्तीसगढ़ में भी लगभग 3 लाख ड्राइवरों के हड़ताल में शामिल होने की बात कही जा रही है। इससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
मंगलवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में परिवहन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जीडी महंत, जिला अध्यक्ष रमेश निर्मलकर और जिला महासचिव दुर्गेश मानिकपुरी ने पत्रकारों से चर्चा कर आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वाहन चालक दिन-रात काम करते हैं और देश की परिवहन व्यवस्था को चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनके लिए सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक भविष्य की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।

बीमा, पेंशन और कल्याण बोर्ड की मांग
ड्राइवरों ने सरकार से वाहन चालकों के लिए आयोग और कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि चालकों को दुर्घटना, बीमारी और बुढ़ापे में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी जरूरी है।

प्रमुख मांगों में प्रत्येक वाहन चालक को 20 लाख रुपये का बीमा सुरक्षा कवच देना और 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद पेंशन की व्यवस्था लागू करना शामिल है। पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय तक वाहन चलाने वाले चालकों को उम्र बढ़ने के साथ काम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पेंशन उनके लिए आर्थिक सहारा बन सकती है।
1 सितंबर को राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस घोषित करने की मांग

ड्राइवर संगठन ने हर साल 1 सितंबर को राष्ट्रीय ड्राइवर दिवस घोषित करने और इस दिन सरकारी अवकाश देने की मांग भी उठाई है। पदाधिकारियों के मुताबिक, वाहन चालक केवल यात्रियों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम नहीं करते, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और जरूरी सेवाओं को चलाने में भी उनकी बड़ी भूमिका है। इसके बावजूद उनके योगदान के अनुरूप सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल रही है।
हड़ताल से एंबुलेंस सेवा रहेगी बाहर
संगठन ने साफ किया है कि 12 नवंबर से होने वाली हड़ताल में एंबुलेंस सेवाओं को शामिल नहीं किया जाएगा। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसलिए एंबुलेंस चालकों को आंदोलन से अलग रखा गया है। हालांकि, एंबुलेंस चालक हड़ताल को नैतिक समर्थन देंगे।
ड्राइवर संगठन ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। 12 नवंबर से प्रस्तावित हड़ताल के कारण परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। अब आंदोलन से पहले सरकार और संगठन के बीच मांगों को लेकर सहमति बनती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।









