बिलासपुर में विकास कार्यों पर बड़ा एक्शन! 4 करोड़ के 16 काम अधूरे, अफसर को 3 दिन का अल्टीमेटम; जवाब नहीं दिया तो गिरेगी गाज

बिलासपुर। शहर में विकास कार्यों की रफ्तार पर अब सवाल उठने लगे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई परियोजनाएं अधर में हैं। इसे लेकर राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम के संबंधित कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारी से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। साथ ही लंबित कार्यों की वास्तविक स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सूडा की समीक्षा में बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के 16 विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के बाद भी लंबित पाए गए। इनकी कुल स्वीकृत राशि 4.03 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। ये परियोजनाएं वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2024-25 के बीच स्वीकृत हुई थीं।

सबसे बड़ा मामला डॉ. बीआर आंबेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन के निर्माण से जुड़ा है। इस परियोजना के लिए वर्ष 2021-22 में 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके अलावा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उद्यानों और पुष्पवाटिकाओं के विकास से जुड़े 15 कार्य भी लंबित बताए गए हैं।
महामाया विहार से अयोध्या नगरी तक विकास की रफ्तार पर सवाल
लंबित परियोजनाओं में महामाया विहार, गायत्री नगर, विद्या नगर, कपिल नगर, देवकीनंदन दीक्षित नगर, साईधाम कॉलोनी तर्वा, गंगानगर, वसुंधरा नगर और अयोध्या नगरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्यान विकास कार्य शामिल हैं। चौबे कॉलोनी और सरकंडा क्षेत्र से जुड़े कार्य भी इस सूची में हैं।

इन परियोजनाओं के समय पर पूरा नहीं होने से विकास कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक कार्य के अधूरे रहने का अलग-अलग कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
काम अधूरे, पोर्टल पर भी अपडेट नहीं—यहीं फंसा मामला
सूडा की समीक्षा में एक और महत्वपूर्ण कमी सामने आई। लंबित 16 कार्य ऑनलाइन पोर्टल पर निर्माणाधीन दर्ज थे, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति और प्रगति से संबंधित जानकारी अपडेट नहीं की गई थी।

सरकारी योजनाओं में केवल काम स्वीकृत करना पर्याप्त नहीं होता। उनकी समयबद्ध प्रगति, वास्तविक स्थिति और जरूरी विवरण पोर्टल पर दर्ज करना भी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसी मामले में विभाग ने जवाब तलब किया है।
तीन दिन में जवाब देना होगा, कार्रवाई की चेतावनी
सूडा ने संबंधित कार्यपालन अभियंता सह राज्य प्रवर्तित योजना प्रभारी अधिकारी को नोटिस प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। सभी लंबित परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर विभाग को अवगत कराने के लिए भी कहा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
अब आगे क्या?
इस कार्रवाई के बाद निगाहें इस बात पर रहेंगी कि लंबित परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उन्हें पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल नोटिस जारी हुआ है; संबंधित अधिकारी के खिलाफ अंतिम दंडात्मक कार्रवाई होने की पुष्टि नहीं है।









