छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अब हर 3 महीने में नहीं जुड़ेगा बढ़ा हुआ लोड शुल्क, साल में सिर्फ एक बार दिसंबर में होगी वसूली

रायपुर, 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने बढ़े हुए बिजली लोड पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क की वसूली व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब यह शुल्क हर तीन महीने बाद बिजली बिल में नहीं जोड़ा जाएगा, बल्कि साल में केवल एक बार दिसंबर माह के बिल में शामिल किया जाएगा।
इस निर्णय से खासकर उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जिनके बिजली बिल गर्मियों में अधिक खपत और अतिरिक्त लोड शुल्क के कारण अचानक बढ़ जाते थे।

गर्मी में बढ़े बिल के बाद लिया गया फैसला
इस वर्ष गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने के साथ कई उपभोक्ताओं के बिल में अतिरिक्त लोड शुल्क जोड़ दिया गया था। इससे बिजली बिल काफी बढ़ गए थे और प्रदेशभर में उपभोक्ताओं ने इसका विरोध किया। इसी दौरान स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर भी सवाल उठे थे। शिकायतों के बाद पॉवर कंपनी ने वसूली व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया।
कैसे तय होता है बढ़ा हुआ लोड?
पॉवर कंपनी के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को लोड बढ़ाने के लिए अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं होती। यदि किसी उपभोक्ता के परिसर में लगातार तीन महीने तक स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली लोड दर्ज होता है, तो उसे बढ़ा हुआ लोड माना जाता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उपभोक्ता ने 1 किलोवाट का कनेक्शन लिया है, लेकिन लगातार अधिक बिजली उपकरणों के उपयोग से उसका लोड 2 या 3 किलोवाट तक पहुंच जाता है, तो अतिरिक्त लोड के अनुसार शुल्क लगाया जाता है।
कितना देना होगा अतिरिक्त शुल्क?
बढ़े हुए प्रत्येक 1 किलोवाट लोड पर उपभोक्ताओं को देना होगा—

- मूल शुल्क: ₹800
- 18% जीएसटी: ₹144
- कुल शुल्क: ₹944 प्रति किलोवाट
पहले यह राशि हर तीन महीने बाद सीधे अगले बिजली बिल में जोड़ दी जाती थी, जिससे बिल अचानक बढ़ जाता था।
अब दिसंबर के बिल में होगी वसूली
नई व्यवस्था के तहत अब चाहे लोड वर्ष के किसी भी समय बढ़े, उसका शुल्क साल में केवल एक बार दिसंबर माह के बिजली बिल में जोड़ा जाएगा। दिसंबर में सामान्यतः बिजली की खपत कम रहती है, इसलिए उपभोक्ताओं पर एकमुश्त बिल का दबाव भी अपेक्षाकृत कम रहेगा। दिसंबर का बिल जनवरी में जारी होगा और उसी में बढ़े हुए लोड का शुल्क शामिल रहेगा।
एमडी ने दी जानकारी
वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि बढ़े हुए बिजली लोड का शुल्क अब हर तीन महीने में नहीं लिया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत इसे साल में केवल एक बार दिसंबर के बिल में जोड़ा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को बिल भुगतान में सुविधा मिलेगी और अचानक बढ़े हुए बिल की समस्या से राहत मिलेगी।









