पटाखा दुकान खोलने से पहले सावधान! बिना लाइसेंस दुकान लगाई तो होगी कार्रवाई, पुलिस खंगालेगी रिकॉर्ड,

रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। दिवाली से पहले राजधानी रायपुर में पटाखा कारोबारियों के लिए प्रशासन ने नियमों का शिकंजा कस दिया है। इस बार पटाखों की दुकान खोलना केवल फीस जमा करने तक सीमित नहीं रहेगा। स्थायी दुकान हो या अस्थायी स्टॉल, लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। दस्तावेजों की जांच के साथ पुलिस वेरिफिकेशन और आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल भी प्रक्रिया का अहम हिस्सा होगी। बिना लाइसेंस पटाखे बेचने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की इस व्यवस्था का मकसद त्योहार के दौरान पटाखों की बिक्री को नियमों के दायरे में रखना, अनधिकृत कारोबार पर रोक लगाना और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि नियमों का पालन कराने के लिए प्रशासन और पुलिस जमीन पर कितनी सख्ती दिखाते हैं।

100 से ज्यादा आवेदन, स्थायी दुकानों के लिए महज 14
पटाखा लाइसेंस के लिए अब तक 100 से अधिक ऑनलाइन आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें स्थायी दुकान के लाइसेंस के लिए केवल 14 आवेदन शामिल हैं। फिलहाल आवेदकों की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान आधार कार्ड सहित जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। निर्धारित प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही लाइसेंस जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में आवेदन करने वाले कारोबारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

पुलिस खंगालेगी रिकॉर्ड, संदिग्ध आवेदनों पर अटक सकता है लाइसेंस
इस बार लाइसेंस प्रक्रिया में पुलिस वेरिफिकेशन पर खास जोर दिया गया है। आवेदकों के दस्तावेजों के साथ उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच किए जाने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आपराधिक गतिविधियों या अवैध पटाखा बिक्री में संलिप्तता सामने आने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
इस व्यवस्था से उन कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो जरूरी अनुमति और सुरक्षा शर्तों को पूरा किए बिना दुकान लगाने की तैयारी में हैं। हालांकि, आवेदन निरस्त करने के लिए लागू आधिकारिक मानदंडों की पुष्टि संबंधित आदेश से की जानी चाहिए।

अस्थायी दुकान के लिए ₹600, स्थायी लाइसेंस की फीस ₹1,800
पटाखा दुकान के लाइसेंस के लिए निर्धारित शुल्क इस प्रकार बताया गया है:
- अस्थायी दुकान: ₹600
- स्थायी दुकान: ₹1,800
केवल शुल्क जमा कर देना लाइसेंस मिलने की गारंटी नहीं है। ऑनलाइन आवेदन, जरूरी दस्तावेज और अन्य लागू शर्तों की पूर्ति भी आवश्यक होगी।
ग्रीन पटाखों पर जोर, बिक्री के नियमों का पालन जरूरी
दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री में ग्रीन पटाखों और नियमानुसार अनुमत पटाखों को लेकर भी प्रशासन का ध्यान रहेगा। दुकानदारों को लागू नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा सकती है।
हर साल त्योहार के दौरान शहर के अलग-अलग वार्डों और रिहायशी इलाकों में अस्थायी दुकानें खुलती हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती केवल लाइसेंस जारी करने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी होगी कि बिक्री निर्धारित स्थानों पर और सुरक्षा नियमों के अनुरूप हो।
कमिश्नरी व्यवस्था में प्रशासन की परीक्षा
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद इस दिवाली पटाखा बिक्री से जुड़े नियमों के पालन पर भी नजर रहेगी। बिना अनुमति दुकान लगाने, अनधिकृत पटाखे बेचने या निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कितनी प्रभावी रहती है, यह महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, इस दिवाली रायपुर में पटाखे की दुकान खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेजों की जांच, पुलिस वेरिफिकेशन और लागू सुरक्षा शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। कारोबारियों को सलाह है कि लाइसेंस मिलने से पहले बिक्री शुरू न करें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि अवश्य कर लें।









