CG BJP नेता के भतीजे को घेरकर मारपीट, पैसों की मांग से शुरू हुआ विवाद; CCTV में कैद पूरी वारदात, आरोपी फरार

अंबिकापुर, 12 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव के भतीजे अभिरत सिंहदेव (22) से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ युवकों ने महामाया रोड पर उनकी स्कूटी रोककर पैसों की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर युवकों ने उन्हें घेर लिया और हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी।
पूरी घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें कई युवक अभिरत को घेरकर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। किसी तरह अभिरत स्कूटी लेकर मौके से निकलने में सफल रहे। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, घटना 7 सितंबर की शाम की है। अभिरत अपने दोस्त देव दुबे के साथ स्कूटी से महामाया पारा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान समलाया मंदिर के पास गोलू पठान, राज बंगाला समेत कुछ युवकों ने उनकी स्कूटी रोक ली।
आरोप है कि युवकों ने अभिरत से पैसों की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो युवकों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।

शिकायत के अनुसार, इसी दौरान अभिरत की जेब से 2,500 रुपये निकाल लिए गए। आरोप है कि घटना के बाद शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
CCTV ने खोला मारपीट का राज
इस पूरी वारदात का वीडियो आसपास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। फुटेज में स्कूटी रुकने के बाद कई युवक अभिरत को घेरते नजर आ रहे हैं। इसके बाद उनके साथ झूमाझटकी और मारपीट होती दिखाई देती है।

अभिरत किसी तरह युवकों के बीच से निकलकर स्कूटी लेकर वहां से चले जाते हैं। अब यही CCTV फुटेज पुलिस की जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।
FIR दर्ज, आरोपियों की तलाश तेज
मामले में कोतवाली पुलिस ने गोलू पठान, राज बंगाला समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 115(2), 191(2), 119(1) और 324(2) के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
राजनीतिक कनेक्शन के चलते मामला चर्चा में
भाजपा नेता अनुराग सिंहदेव के भतीजे के साथ हुई मारपीट के कारण मामला अंबिकापुर में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और जांच का केंद्र फिलहाल मारपीट, पैसों की मांग और कथित रूप से रुपये छीनने के आरोपों पर है। CCTV फुटेज सामने आने के बाद अब पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की चुनौती है।









