CG-नौकरी से निकाले जाने का बदला? VIDEO कांड से मस्तूरी में सनसनी, महिला का अश्लील वीडियो वायरल; 3 आरोपी जेल में
हिसाब-किताब में गड़बड़ी के बाद बढ़ा विवाद, घर पहुंचकर धमकी और गाली-गलौज का आरोप; मस्तूरी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई

बिलासपुर, 13 अगस्त 2026। मस्तूरी थाना क्षेत्र में महिला का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल और प्रताड़ित करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 77, 79, 296, 351(3), आईटी एक्ट की धारा 66ई, 67, 67बी और एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
हिसाब-किताब में गड़बड़ी के बाद बिगड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, मस्तूरी क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका भाई हार्वेस्टर और ट्रैक्टर के जरिए एग्रीकल्चर ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है। व्यवसाय की देखरेख के लिए गांव के पीतांबर सिंह और अजय चौधरी को रखा गया था।

आरोप है कि काम के दौरान हिसाब-किताब में बेईमानी सामने आने के बाद दोनों को काम से हटा दिया गया। इसके बाद से ही दोनों नाराज चल रहे थे और इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
घर पहुंचकर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
शिकायत के मुताबिक, इसी विवाद के चलते आरोपी 9 जुलाई की रात करीब 10 बजे पीड़ित के भाई के घर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने जातिगत गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित और उसकी पत्नी से संबंधित एक अश्लील वीडियो मोबाइल में दिखाया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में इसी वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर महिला को अपमानित और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
मस्तूरी पुलिस और साइबर सेल ने की संयुक्त कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद मस्तूरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए मस्तूरी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।

टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर अजय चौधरी (23), नरेश पटेल (24) और पीतांबर सिंह (38) को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी खपरी लिमतरा के निवासी हैं।
पूछताछ में वीडियो वायरल करने की बात कबूलने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अश्लील वीडियो वायरल करने की घटना स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब मामले में डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर किस माध्यम से प्रसारित हुआ, इसे आगे किन-किन लोगों तक भेजा गया और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।









