CM विष्णुदेव साय की रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से अहम बैठक: कटघोरा-डोंगरगढ़ और रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजनाओं पर बड़ा फैसला, बस्तर को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

रायपुर/नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं की शुरुआत और लंबे समय से लंबित रेल लाइनों की प्रगति को लेकर बेहद सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

संयुक्त उपक्रम (JV) से बनेगी 295 किमी लंबी कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन
बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए दोनों की साझेदारी में एक स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा।
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इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ: यह रेल लाइन कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी।
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फायदा: इससे कई ऐसे इलाके पहली बार रेलवे नेटवर्क से जुड़ेंगे जहां अब तक ट्रेन की सुविधा नहीं थी। इससे क्षेत्रीय विकास, उद्योगों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन: भूमि अधिग्रहण पूरा, टेंडर अंतिम चरण में
बस्तर अंचल के लिए बेहद महत्वपूर्ण रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना (140 किलोमीटर) की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा चुकी है और रेलवे द्वारा निविदा (टेंडर) प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस परियोजना के शुरू होने से बस्तर में सामाजिक और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।

उत्तर छत्तीसगढ़ की 3 नई रेल परियोजनाओं को हरी झंडी का आश्वासन
मुख्यमंत्री साय ने रेल मंत्री से उत्तर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाली तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया:
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सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर)
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धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर)
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अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर)
इन परियोजनाओं से खनिज परिवहन, स्थानीय रोजगार और व्यापार को गति मिलेगी। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन लाइनों को जल्द स्वीकृति देने की दिशा में सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
बस्तर-किरंदुल रेल सर्वे में आएगी तेजी
बैठक के दौरान दो अन्य बड़ी परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई:
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किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किलोमीटर)
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गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किलोमीटर)
मुख्यमंत्री ने इन दोनों रूटों का सर्वे कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया, जिससे बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूती दी जा सके।
“छत्तीसगढ़ देश का एक प्रमुख औद्योगिक, खनिज और कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ रेलवे का विस्तार सिर्फ यातायात नहीं, बल्कि संतुलित क्षेत्रीय प्रगति से जुड़ा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को रेल नेटवर्क का अभूतपूर्व लाभ मिल रहा है।” — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने केंद्र सरकार और रेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में समन्वित प्रयासों से ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण को एक नई और तेज गति मिलेगी।









