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बिलासपुर में पेट शॉप पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित भारतीय छतदार कछुओं की तस्करी का खुलासा

बिलासपुर। शहर में प्रतिबंधित वन्यजीवों की अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य उड़नदस्ता टीम और बिलासपुर वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने जरहाभाठा स्थित एक पेट शॉप पर छापेमारी कर चार प्रतिबंधित भारतीय छतदार कछुए बरामद किए हैं। मामले में दुकान संचालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत कार्रवाई की गई है।

वन विभाग को सूचना मिली थी कि मंदिर चौक, जरहाभाठा स्थित “पेट पॉइंट” नामक दुकान में प्रतिबंधित कछुओं की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना की पुष्टि करने के लिए विभाग ने पहले अपने एक कर्मचारी को ग्राहक बनाकर दुकान पर भेजा। कर्मचारी ने 1500 रुपये में एक कछुआ खरीदा। जैसे ही वह दुकान से बाहर निकला, पहले से मौजूद वन विभाग की टीम ने दुकान पर दबिश देकर कार्रवाई शुरू कर दी।

दुकान से चार कछुए बरामद, नागपुर से लाने की बात कबूली

छापेमारी के दौरान दुकान से चार भारतीय छतदार कछुए बरामद किए गए। पूछताछ में दुकान संचालक ने बताया कि वह इन कछुओं को नागपुर से लाकर बिलासपुर में बेचता था। इसके बाद वन विभाग ने मामले की जानकारी नागपुर वन विभाग को भी भेज दी है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा सके।

अनुसूची-1 में शामिल है यह दुर्लभ प्रजाति

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार भारतीय छतदार कछुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित प्रजाति है। इस प्रजाति के शिकार, खरीद-बिक्री और व्यापार पर पूरी तरह प्रतिबंध है। यह कछुआ नदियों और मीठे पानी के जलाशयों में पाया जाता है और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर, नेटवर्क की जांच जारी

वन विभाग ने दुकान संचालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। विभाग का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं है। अवैध वन्यजीव तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

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