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कांग्रेस का बड़ा अभियान; देश के 28 शहरों में आज से गूंजेगी ‘छात्रों की गूंज’, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

बिलासपुर, 25 जून 2026. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गुरुवार को देशभर में “छात्रों की गूंज” नामक राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की। कांग्रेस का दावा है कि यह अभियान छात्रों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और युवाओं की समस्याओं को लेकर चलाया जाएगा। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की जांच और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को अभियान का प्रमुख विषय बनाया है।

बिलासपुर स्थित होटल ईस्ट पार्क में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए इस अभियान का पोस्टर लॉन्च किया, उन्होंने इस अभियान की जानकारी देते हुये कहा कि यह अभियान अगले 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। इसके तहत कॉलेज परिसरों, पुस्तकालयों, कोचिंग संस्थानों और युवा समूहों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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उन्होंने  ने आरोप लगाया है कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और परीक्षाओं के निरस्त होने जैसी घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। कांग्रेस ने विशेष रूप से NEET UG 2026 परीक्षा का उल्लेख करते हुए इसे परीक्षा प्रणाली की विफलता का उदाहरण बताया।

प्रेस कांफ्रेस में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री श्री सिंह ने कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग की है। पूर्व मंत्री का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि देश में पिछले वर्षों के दौरान कई परीक्षाएं पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों से प्रभावित हुई हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

अभियान के तहत कांग्रेस ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, कथित जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय करना और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करना।

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पूर्व मंत्री का कहना है कि यह केवल शिक्षा का नहीं बल्कि युवाओं के रोजगार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। कांग्रेस ने देशभर के छात्रों और युवाओं से अभियान में शामिल होने की अपील भी की है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, विधायक राघवें द्र सिंह, पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, विअज्य केशरवानी समेत कई कांग्रेस के नेता उपस्थित रहे |

40 दिनों का महा-अभियान: देश के 28 प्रमुख शहरों में मचेगा तहलका

कांग्रेस का यह अभियान कोई एक या दो दिन का सांकेतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह युवाओं और नौकरी अभ्यर्थियों के हक की लड़ाई के लिए तैयार किया गया एक विस्तृत रोडमैप है, यह आंदोलन पूरे 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में सघन रूप से चलाया जाएगा. आंदोलन के तहत देश के बड़े कोचिंग हब (जैसे कोटा), कॉलेज कैंपस, यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी और युवा समूहों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा.  नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) सहित पिछले वर्षों में हुए 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के कारण बर्बाद हुए करोड़ों छात्रों के भविष्य के लिए जवाबदेही तय करना.

‘छात्रों की गूंज’ अभियान का पूरा शेड्यूल

कांग्रेस की ‘छात्रों की गूंज’ एक्शन टीम ने इस आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने की तैयारी की है:

  1. 30 जून से: देश के 28 शहरों में पर्चा वितरण, नुक्कड़ बैठकें और छात्र संपर्क अभियान की शुरुआत होगी.

  2. जुलाई महीने में: साप्ताहिक कार्यक्रम, कैंपस संपर्क और ‘अंबेडकर संवाद’ का आयोजन किया जाएगा.

  3. 1 अगस्त 2026 को: देश के सभी 28 शहरों में एक साथ बड़े पैमाने पर कलेक्टर घेराव किया जाएगा.

  4. 9 अगस्त 2026: ‘दिल्ली चलो’ के नारे के साथ अभियान के प्रथम चरण का समापन होगा, जिसमें देश भर के छात्र एकजुट होकर अपनी आवाज सीधे सरकार तक पहुंचाएंगे.

    केंद्र सरकार के सामने कांग्रेस की ‘तीन बड़ी मांगें’

    मुख्य विपक्षी दल ने इस संकट से निपटने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार के सामने तीन बेहद स्पष्ट मांगें रखी हैं: जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें. साथ ही पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों और उनके राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच हो, पूरी परीक्षा व्यवस्था का ओवरहॉल (कायाकल्प) किया जाए. NTA, पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट, परीक्षा केंद्र और डिजिटल सिस्टम का ऑडिट कराकर हर चरण को सुरक्षित किया जाए. कॉन्ट्रैक्ट की जांच हो और थर्ड पार्टी वेंडर्स को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए. एक तय ‘वार्षिक परीक्षा और भर्ती कैलेंडर’ लागू किया जाए. परीक्षा तिथि, रिजल्ट डेट और नियुक्ति की समयसीमा पहले से घोषित हो और उसका सख्ती से पालन किया जाए.

    “यह परीक्षा नहीं, ‘रिजेक्शन सिस्टम’ है” – कोटा रैली से राहुल गांधी के तीखे सवाल

    प्रेस विज्ञप्ति के अंतिम हिस्से में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा राजस्थान के कोटा में दिए गए महत्वपूर्ण आंकड़ों और बयानों का हवाला दिया गया है, राहुल गांधी ने आंकड़ों से साबित किया है कि देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था एक “रिजेक्शन सिस्टम” बन चुकी है, जहां हर 3,000 छात्रों में से केवल 1 IAS बन पाता है, 30 IIT पहुंच पाते हैं और सिर्फ 180 डॉक्टर बन पाते हैं। बाकी करोड़ों युवाओं को यह व्यवस्था केवल ‘अस्वीकृति’ देती है, देश का कुल शिक्षा बजट जहाँ 1.4 लाख करोड़ रुपये है, वहीं अकेले 22 लाख NEET छात्रों का कुल खर्च ही 1.32 लाख करोड़ रुपये बैठता है. देश की टॉप-5 परीक्षाओं (SSC, UPSC, RRB, JEE, NEET) का खर्च भारत सरकार के कुल शिक्षा बजट से 3 गुना ज्यादा है. भारत की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था अब केवल एक वसूली तंत्र (extortion system) बनकर रह गई है, जहां से निकलने वाले 1,000 युवाओं में से केवल 12 बच्चों को ही फॉर्मल रोजगार मिल पाता है.

    मिस्ड कॉल नंबर और वेबसाइट जारी

    इस आंदोलन को देशव्यापी जन-आंदोलन बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक मिस्ड कॉल नंबर 9873036161 और आधिकारिक वेबसाइट www.chatronkigoonj.in भी जारी की है, जिसके जरिए देश का कोई भी छात्र या नागरिक इस मुहिम का हिस्सा बनकर सीधे रजिस्टर कर सकता है.

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