पथरी ऑपरेशन के बाद आरक्षक की मौत: श्रीराम केयर अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप, मजिस्ट्रेट जांच शुरू
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। शहर के नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। 2 मई को पथरी के ऑपरेशन के बाद आरक्षक सत्यकुमार पाटले (36) की संदिग्ध मौत के मामले में प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौन थे सत्यकुमार पाटले?
मृतक सत्यकुमार पाटले बिलासपुर के सरकंडा थाने में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। वे मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम परसाही के निवासी थे और अपनी ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार व सक्रिय माने जाते थे।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, सत्यकुमार को पथरी की समस्या के चलते श्रीराम केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई।
परिजनों का हंगामा, लापरवाही के आरोप
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और डॉक्टरों व प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज मिलता, तो सत्यकुमार की जान बचाई जा सकती थी। परिजन दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

अस्पताल ने क्या कहा?
अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ऑपरेशन सफल रहा था। उनके अनुसार, मरीज की मौत अचानक कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकने) के कारण हुई है, जो एक अप्रत्याशित स्थिति थी।
जांच शुरू, रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। पोस्टमॉर्टम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया गया है। अब सभी की नजर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।











